जमशेदपुर (जागरण संवाददाता) । पूर्वी सिंहभूम जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए अब भी किसानों का पंजीकरण हो रहा है। अब तक जो किसान इस योजना से वंचित हैं, वे इसमें नाम दर्ज करा सकते हैं। वर्ष 2019-20 से भारत सरकार द्वारा चालायी जा रही महत्वकांक्षी योजना में देश के छोटे व सीमांत किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से कृषि कार्य के लिए सहायता राशि के रूप में प्रतिवर्ष छह हजार रुपये तीन किस्त में दी जा रही है।  प्रज्ञा केंद्र व अंचल कार्यालय में नए किसानों का पंजीकरण किया रहा है। इसके अलावा यदि जो किसान खेती के लिए क्रेडिट कार्ड लेना चाहते हैं, वे प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, जनसेवक, सहायक तकनीकी प्रबंधक या किसान मित्र के माध्यम से प्रखंड कार्यालय में आवेदन दे सकते हैं।

कृषि संबंधी अन्य योजनाओं की भी दी जा रही जानकारी

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सूरज कुमार के निर्देश पर विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में आम जनता को अवगत कराने के लिए 'जिला प्रशासन की पहल : आपकी योजना- अपनी योजनाओं को जानें' कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का उद्देश्य, कहां और कैसे आवेदन करें, योजना का स्वरूप क्या है, आदि के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इस कड़ी में केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित व कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। 

- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (दलहन प्रत्यक्षण) : राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के अंतर्गत दलहन प्रत्यक्षण अंतर्गत उत्पादकता बढ़ाने के लिए दलहन प्रत्यक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके साथ ही 50 प्रतिशत अनुदान पर कृषि यंत्र, कीटनाशक एवं सूक्ष्म पोषक तत्व वितरण करने की योजना है। रबी मौसम में 90 हेक्टेयर में दलहन प्रत्यक्षण का लक्ष्य है, जिसमें चना व मसूर के उन्नत बीज का प्रत्यक्षण किया जाएगा।

योजना के लिए सरसों मिनी किट प्रत्यक्षण 935.20 हेक्टेयर रकबा के लिए 46.75 क्विंटल बीज प्राप्त है, जिसका वितरण गैरसरकारी संस्था व झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) से कराया जा रहा है। इसके अलावा खरीफ प्रत्यक्षण का लक्ष्य 210 हेक्टेयर व रबी लक्ष्य 90 हेक्टेयर के लिए कृषक व रकबा का चयन किया जा रहा है। कृषि यंत्र में 110 पंप सेट, रोटावेटर तीन और 22 स्प्रेयर का वितरण होगा।

- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (तिलहन प्रत्यक्षण) : तिलहन प्रत्यक्षण योजना में सरसों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रत्यक्षण कार्यक्रम 'सरसों वही, क्रांति नई' की तर्ज पर 13,551 हेक्टेयर में खेती करने का लक्ष्य है। इसके लिए प्रखंडवार प्रक्षेत्र चिह्नित किया जा रहा है। सरसों की खेती कलस्टर के आधार पर की जाएगी। इच्छुक किसान कलस्टर में खेती करने के लिए संबंधित प्रखंड के प्रखंड तकनीकी प्रबंधक या सहायक तकनीकी प्रबंधक से संपर्क कर बीज प्राप्त कर सकते हैं।

- स्वायल हेल्थ कार्ड : जो किसान मिट्टी का नमूना संग्रहण एवं नमूना विश्लेषण  के महत्व को समझना चाहते हैं, वे संबंधित प्रखंड तकनीकी प्रबंधक या सहायक तकनीकी प्रबंधक से संपर्क कर सकते हैं।

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