जमशेपुर, जेएनएन।  Ram Mandir of Ayodhya will be seen from Islamabad and Karachi भाजपा नेता व पूर्व सांसद डा. रामव‍िलास वेदांती ने कहा है कि अध्‍योध्‍या का राम मंद‍िर 1111 फुट ऊंचा होगा। यह दुन‍िया का सबसे बड़ा मंद‍िर होगा। पाक‍िस्‍तान के इस्‍लामाबाद और कराची से भी नजर आएगा। राम मंद‍िर के ल‍िए अभी 67 एकड़ जमीन है। यह बहुत कम है। इस मंद‍िर के ल‍िए 200 एकड़ जमीन की जरूरत है। जमीन के ल‍िए ट्रस्‍ट केंद्र व राज्‍य सरकार को प्रस्‍ताव भेजेगा। ट्रस्‍ट और संतों की बैठक में इस पर व‍िचार होगा।

उन्‍होंने कहा कि जो काम आजादी के 70 साल में नहीं हुआ, वह हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर दिखाया। सुप्र्रीम कोर्ट का भी आभार, जिसने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का ना केवल गठन हो गया, बल्कि इसकी पहली बैठक भी हो गई। अयोध्या में श्रीराम का इतना ऊंचा और अद्वितीय मंदिर बनेगा, जैसा दुनिया में कहीं नहीं है। यह इतना ऊंचा होगा कि इस्लामाबाद और कराची से भी दिखेगा। 

जमशेदपुर में एक मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में शामिल होने आए डॉ. रामविलास वेदांती ने कहा कि श्रीराम का मंदिर 1111 फुट ऊंचा बनेगा। लेकिन इतना विशाल मंदिर 67 एकड़ जमीन में नहीं बन सकता। इसके लिए कम से कम 200 एकड़ जमीन चाहिए। अभी अयोध्या में संतों की बैठक होने वाली है, उसमें यह भारत सरकार से यह मांग रखी जाएगी कि मौजूदा जमीन के आसपास की जमीन अधिग्रहित की जाए। राम मंदिर के लिए 67 एकड़ जमीन तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने दी थी। इतने विशाल व भव्य मंदिर के लिए काफी धन की आवश्यकता होगी। पूर्व राम मंदिर न्यास के पास 20 करोड़ रुपये जमा हैं, जो सवा-सवा रुपये दक्षिणा से प्राप्त हुए थे। फिलहाल तिरुपति के बालाजी मंदिर ट्रस्ट ने एक अरब और अंबानी ने 500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है, लेकिन यह भी पर्याप्त नहीं है। उम्मीद है कि निर्माण कार्य शुरू होगा तो दुनिया भर के श्रीराम भक्त पर्याप्त धनराशि दान करेंगे। 
वेदांती ने कहा कि उन्होंने कई देशों का भ्रमण किया है। उनकी जानकारी में इतना ऊंचा मंदिर कहीं नहीं है। वे कल (सोमवार को) ही श्रीलंका से लौटे हैं। वहां जाफना में 200 एकड़ में विशाल कार्तिकेय मंदिर है, तो जाफना के पास 300 एकड़ में शिव मंदिर है, जिसे भारत सरकार ने बनवाया है। महाशिवरात्रि के दिन उन्होंने वहां तीन दिन तक रूद्राभिषेक किया। मांडवी (गुजरात) में एक मंदिर है, जहां 72 मंदिर हैं। सभी सफेद संगमरमर से बने हैं, जिस पर चांद की रोशनी पड़ती है तो दूनी रोशनी निकलती है। हमारी कामना है कि राम मंदिर का प्रकाश भी ऐसा ही तेज रहे। यह महंत अवैद्यनाथ की कल्पना थी, जो अब साकार होने जा रहा है। इसी क्रम में वेदांती ने अयोध्या में रामलला को लेकर अब तक हुई सुनवाई और इतिहास के बारे में विस्तार से बताया।
संविधान विरोधी को फांसी की सजा हो
दिल्ली में सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) को लेकर चल रही ङ्क्षहसा पर रामविलास वेदांती ने कहा कि भारत सरकार को ऐसा कानून बनाना चाहिए, जिसमें राष्ट्रविरोधी व संविधान विरोधी बातें करने वालों को फांसी की सजा हो। अयोध्या में होने वाली संतों की बैठक में इस बात को रखा जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कौशल और पराक्रम से जम्मू-कश्मीर में धारा 370 समाप्त हो सका। अब वहां पत्थरबाजी बंद नहीं हो रही है, लेकिन वही लोग दिल्ली में पत्थरबाजी करा रहे हैं। इन्हें कांग्रेस का शह मिल रहा है, अब यह भी स्पष्ट हो गया है। सीएए विरोधी घटनाओं से साफ हो गया है कि कांग्रेस सिर्फ मुसलमानों के लिए है। सीएए भारत से मुसलमानों को भगाने लिए नहीं बना है, लेकिन इससे आतंकवादियों को दिक्कत होगी। 
 

 

Posted By: Rakesh Ranjan

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