जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : जमशेदपुर के सौ वर्ष (शताब्दी वर्ष) पूरा होने पर टाटा स्टील ने शहरवासियों को जमशेदपुर के सौ वर्ष के इतिहास का तोहफा दिया है। एक वर्ष तक जमशेदपुर के इतिहास को स्टील एक्सप्रेस बताएगी कि किस तरह जमशेदपुर पल पल बदलता रहा। इस पूरे इतिहास की कहानी स्टील एक्सप्रेस के बाहरी व भीतरी हिस्सों में स्टीकर के माध्यम से दर्शाया गया है।

यह बातें चक्रधरपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) छत्रसाल सिंह ने कहीं। उन्होंने कहा कि जिस तरह टाटा स्टील ने यह पहल में दिलचस्पी दिखाई है उसी तरह अन्य औद्योगिक क्षेत्र की कंपनियां भी आगे आएं ताकि झारखंड की संस्कृति को भी ट्रेन में स्टीकर के माध्यम से दर्शाया जा सके।

टीक्यूएम स्टील बिजनेस प्रेसिडेंट आनंद सेन ने कहा कि रेलवे की आमदनी का सालाना पांच प्रतिशत का योगदान टाटा स्टील का है। उन्होंने कहा कि रेलवे का साथ व सहयोग टाटा स्टील के साथ बना रहे। रेलवे को वार्षिक आय बढ़ाने के विषय में भी सोचना चाहिए। जिस तरह टाटा स्टील ने स्टील एक्सप्रेस में ब्रांडिग की है ऐसे ही दूसरे ट्रेनों में भी ब्रांडिंग की व्यवस्था रेलवे को करनी चाहिए।

इससे पूर्व जमशेदपुर के शताब्दी वर्ष को लेकर -जमशेदपुर ऑन रेल- कार्यक्रम के तहत टीक्यूएम स्टील बिजनेस प्रेसिडेंट आनंद सेन, डीआरएम छत्रसाल सिंह, सीनियर डीसीएम मुकेश कुमार पाठक, सीनियर डीओएम भाष्कर, टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट चाणक्य चौधरी, अवनीष गुप्ता ने संयुक्त रूप से मंगलवार की सुबह 6.15 बजे उद्घाटन किया। जिसके बाद ट्रेन की रवानगी टाटानगर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से दस मिनट देरी से 6:25 पर हुई। ट्रेन में खचाखच यात्री सवार थे। उद्घाटन के उपरांत मंच से आनंद सेन व डीआरएम छत्रसाल सिंह ने उपस्थित रेल अधिकारी, टाटा स्टील कर्मचारी व यात्रियों को संबोधित किया। इस मौके पर स्टेशन निदेशक एचके बलमुचू, सीआई एके सिंह, डिप्टी एसएस एसके पति, आरएन मिश्रा, आरपीएफ व जीआरपी के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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