अरविंद श्रीवास्तव, जमशेदपुर : 'अबकी जोर के तोर मिल गइल बा। सही आदमी से भेंट हो गईल बा'। यह कहना था टेल्को न्यू मार्केट निवासी एसके सिंह (52) का। कहा कि पूर्वी विधानसभा क्षेत्र का चुनाव इस बार काफी दिलचस्प होगा। लोगों को 'कथनी व करनी' में अंतर समझ में आ गया है। इस पर एमके वर्मा (48) ने कहा कि इस क्षेत्र में जो काम करेगा वहीं राज करेगा। यहां काम हुआ है ऐसे में निर्वतमान विधायक ही फिर कल का नेता बनेगा। इस बात को लेकर दोनों लोगों में हुज्जत होने लगी। सुबह-सुबह हो-हल्ला सुनकर काफी लोग एकत्रित हो गए। फिर पता चला कि चुनाव को लेकर दो पार्टियों के समर्थक आपस में बहस कर रहे हैं। इस पर एसके सिंह का पक्ष लेते हुए भीम प्रसाद (37) कहते हैं, नामांकन में भीड़ से ही पता चल गया है कि क्या होने वाला है। निर्दलीय विधायक के पक्ष में इतना हुजूम बहुत कम ही दिखता है। कल का नजारा ही कुछ ऐसा था। ऐसे में अब घबराना नहीं है। फिर भीम ने कहा कि 'अभी त उ ट्रेलर रहे, पूरा फिलिम बाकी बा'। कहा कि शुरू में ही इतनी भीड़ जमा हो गई कि सरयू समर्थकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। लोग निवर्तमान विधायक से ऊब से गए हैं। पांच बार विधायक रहने वाले से लोग निजात चाहते हैं। ऐसे में सरयू ही सर्वमान्य नेता हैं, कारण कि उनको शुरू में ही झामुमो व जदयू का समर्थन मिल गया है। आगे और पार्टियों के लोग भी उनके पक्ष में खुलकर आएंगे। इस पर वर्मा जी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी राज में युवाओं को तरजीह मिल रही है। यही कारण है कि जमशेदपुर पश्चिम से सरयू का टिकट काटकर युवा व जमीनी नेता देवेंद्र सिंह को दिया गया। बोले, सरयू ने गलत किया। उनका भी हाल यशवंत सिन्हा व शत्रुघ्न सिन्हा वाला ना हो जाए। पास ही खड़े रामबालक सिंह बोलने लगे, इ में त कोई शक नहीं कि रघुवर ने क्षेत्र में बहुत काम किया है। बिरसानगर जा के देख लीजिए आप लोग। भाजपा में आलाकमान का निर्देश सभी मानते हैं। ऊपर से जिसे भी टिकट मिलता है पार्टी के कार्यकर्ता व समर्थक उसी व्यक्ति को वोट करते हैं।

न्यू मार्केट स्थित घोष चाय दुकान में सुबह सात से नौ बजे तक चुनावी माहौल गरमाया रहा। वहीं मौके पर पहुंची दैनिक जागरण की टीम ने जानना चाहा कि इस बार यहां का मुख्य चुनावी मुद्दा क्या होगा? इस पर वीरेंद्र कुमार (48) ने कहा कि कंपनियों का बंद होना, कंपनी कर्मचारियों को काम नहीं मिलना, रोजगार का बंद होना, जनता की आवाज को दबाना जैसी कई बातें चुनाव का अहम मुद्दा बनेगा। रोहित सांडिल (45) ने कहा कि अभी नेताओं का दौरा शुरू नहीं हुआ। लेकिन जब नेताजी घरे अइहें तब पूछल जाई, इतना दिन कहां रहनी, जनता का ख्याल ना आई। मुख्यमंत्री से भेंट करना मुश्किल था, उनके पास पहुंचने से पूर्व ही बॉडीगार्ड रोक लेता था..।

Posted By: Jagran

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