जमशेदपुर, जासं। ईद का त्यौहार नजदीक आ गया है, लेकिन शहर में लच्छों की भारी कमी है। इसके चलते लच्छे दोगुने दाम पर बिक रहे हैं। पिछले साल लच्छों की कीमत 80 रुपए से लेकर 100 रुपए प्रति किलो थी। इस बार 150 रुपए से 300 रुपए प्रति किलो है।

कारोबारियों का मानना है कि शॉर्टेज के चलते लच्छों की कीमतें और बढ़ेंगी। लच्छों के कारोबारी जसीम अहमद ने बताया कि हर साल जमशेदपुर में लच्छे बनाए जाते थे। बिहार के नवादा और कोलकाता से कारीगर आते थे। लॉकडाउन के चलते इस बार कारीगरों के नहीं आने से शहर में लच्छों का उत्पादन नहीं हो सका। बाहर से भी ज्यादा माल नहीं आ रहा है। लच्छों की फैक्ट्री बंद होने की वजह से पूरे देश में लच्छों की कमी है। इसी के चलते लच्छे महंगे बिक रहे हैं। शहर में ठेले पर मिठाई बेचने वाले कारीगरों ने लच्छे बनाने की कोशिश तो की है। लेकिन वह इतने अच्छे नहीं बना पाए हैं। इस साल लच्छों की बिक्री भी काफी कम है।
कारोबार भी कम
कारोबारी नसीम अहमद ने बताया कि पिछले साल 15 रमजान तक 50 हजार रुपए का कारोबार कर लिया था। लेकिन इस साल धंधा मंदा है। शहर में इस साल लच्छों की दुकानें भी कम लगी हैं। हर साल रमजान से ही मानगो, साकची, बिष्टुपुर, जुगसलाई, कदमा, शास्त्री नगर और अन्य इलाकों में सेंवई और लच्छे की तकरीबन ढाई हजार दुकानें लगती थीं। 

Posted By: Rakesh Ranjan

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