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जमशेदपुर के पोटका में ब्रेन मलेरिया का कहर: 26 गांवों में फिर चौथे दिन मिले 64 नए मरीज

Published: Thu, 02 Jul 2026 08:50 PM (GMT+05:30)

जमशेदपुर के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, जहां 26 गांवों में 64 नए ...और पढ़ें

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

HighLights

  1. केंद्र सरकार की टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा किया।

  2. एंबुलेंस और स्वास्थ्य कर्मियों की भारी कमी है।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए अभियान के तहत 26 प्रभावित गांवों में विशेष शिविर लगाए गए। 
 
इस दौरान कुल 1,233 ग्रामीणों की मलेरिया जांच की गई, जिसमें रिकॉर्ड 64 नए संक्रमित मरीज पाए गए हैं। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोटका में चार नए गंभीर मरीजों को तुरंत भर्ती कराया गया है।
 

केंद्र सरकार की टीम ने ग्राउंड पर संभाला मोर्चा 

क्षेत्र में अब तक चार मासूम बच्चों की मौत के बाद हालात की समीक्षा करने भारत सरकार के क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यालय पटना की केंद्रीय टीम जमशेदपुर पहुंची है। 
 
केंद्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के साथ मिलकर प्रभावित गांवों का दौरा किया। टीम ने ग्राउंड जीरो पर हो रहे डीडीटी (DDT) छिड़काव और स्क्रीनिंग कैंपों की समीक्षा की। 
 
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने, बुखार आने पर बिना लापरवाही तुरंत जांच कराने और घरों के आसपास जलजमाव रोकने की अपील की है।
 

सरकार से अतिरिक्त मदद की मांग

पोटका के कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की सातवीं की छात्रा लक्‍खी सरदार, राहुल सरदार और सुबोला सरदार समेत चार बच्चों की मौत से हड़कंप मचा है। इसके बाद राज्य सरकार ने पूरे झारखंड में मलेरिया को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया है। 
 
अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अजय कुमार सिंह ने सभी जिलों को युद्धस्तर पर कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया है। इधर, स्थानीय विधायक संजीव सरदार ने रांची में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से मुलाकात की। 
 
इस दौरान पोटका के लिए अतिरिक्त एंबुलेंस, जीवन रक्षक दवाएं और डॉक्टरों की तत्काल तैनाती की मांग की है। वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों का हाल जाना और जांच का दायरा बढ़ाने पर बल दिया।
 

कंदार और हितबासा बना मलेरिया हॉटस्पॉट 

पिछले एक सप्ताह के भीतर पोटका के कंदार और हितबासा जैसे गांवों में मलेरिया संक्रमितों की संख्या 150 के पार पहुंच गई है। प्रशासन ने पूरे इलाके को 10 सेक्टरों में बांटकर निगरानी तो बढ़ा दी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लाचारी भी खुलकर सामने आ रही है:

  •     एंबुलेंस सेवा ठप: सीएचसी पोटका की दोनों 108 एंबुलेंस खराब पड़ी हैं, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में भारी दिक्कत हो रही है। 
  •     मानव बल की कमी: पर्याप्त डॉक्टरों, एएनएम (ANM) और एमपीडब्ल्यू (मल्टीपर्पज वर्कर) की भारी कमी के कारण ग्रामीण स्तर पर अभियान प्रभावित हो रहा है।  

वर्तमान में 7 मरीजों का इलाज पोटका में चल रहा है, जबकि बेहद गंभीर स्थिति वाले 45 मरीजों को जमशेदपुर के सदर और एमजीएम (MGM) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है।

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