जमशेदपुर, जासं। अमेरिका में आयोजित 'डिसमेंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व' परिषद में तथाकथित अध्ययनकर्ताओं ने हिंदू धर्म की वर्ण व जाति व्यवस्था इत्यादि के विषय में भ्रम का वातावरण बनाने का प्रयास किया था, लेकिन जब पूरे विश्व के हिंदुओं ने एकजुट होकर इन्हें ललकारा तो यह अभियान चलाने वाले उलटे पैर भागने को मजबूर हो गए।

हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे के अनुसार धर्मांतरण के उद्देश्य से ब्रिटिश मिशनरियों ने ब्राह्मणवाद को जन्म दिया और उसमें वृद्धि करने का कार्य ऐसी हिंदू विरोधी परिषदें कर रही हैं। 'डिसमेंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व' परिषद आयोजित करने के पूर्व आयोजकों ने हिंदू धर्म के विषय में विविध भ्रम फैलाकर बार-बार अपनी भूमिका में परिवर्तन किया। ऐसे झूठ फैलाने वालों पर विश्‍वास न रख, पूर्ण विश्‍व के हिंदू बंधुओं को हिंदू धर्म का प्रसार बड़ी मात्रा में करना चाहिए। पूरे विश्‍व के हिंदूओं द्वारा हिंदू धर्म की उचित तात्विक भूमिका प्रस्तुत करने के कारण, साथ ही हिंदुआें के हजारों वर्षों का मानवता और विश्‍व के लिए पूरक इतिहास समाज को बताने के कारण अमेरिका की 'डिसमेंटलिंग ग्लोबल हिन्दुत्व' परिषद विफल हुई। ऐसा प्रतिपादन हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्र्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळेजी ने किया। वे हिंदू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित 'डिसमेंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व' परिषद में हिंदू विरोधी प्रचार!' विषयक ऑनलाइन विशेष संवाद में बोल रहे थे।

हिंदुओं का नरसंहार करने की बनाई थी योजना

इशित्व फाउंडेशन की संचालक आरती अग्रवाल ने कहा कि हिंदू विरोधी परिषद की योजना थी कि 'हिंदुत्व' काे ही गलत ठहरा दिया जाए। वह बताना चाहते थे कि हिंदुओं के इतिहास में हुआ नरसंहार उचित था। इसके साथ ही आगे होनेवाला नरसंहार भी उचित ही होगा। वर्तमान में पाकिस्तान और बांगलादेश में हिंदू युवतियों पर अत्याचार किए जा रहे हैं। गांव, बस्तियां जलाई जा रही हैं। हिंदुओं पर अनगिनत अत्याचार करने पर भी मानवाधिकार के संरक्षक उनकी ओर ध्यान न दें, ऐसी स्थिति उन्हें निर्माण करनी है।

हिंदू धर्म को ही संकट बताने की मंशा

मनोचिकित्सक व लेखक डा. रजत मित्रा ने कहा कि इस हिंदू विरोधी परिषद द्वारा केवल हिंदू विरोधी पक्ष प्रस्तुत कर उसे ही 'सत्य' बताने का प्रयास किया गया। विविध विद्यापीठों ने एकत्रित रूप से हिंदू धर्म को एक संकट घोषित कर हिंदुओं की आवाज दबाने का प्रयास किया। विदेशों में हमारे अनेक हिंदू युवक-युवतियां शिक्षा ले रहे हैं। 'हिंदुओं ने संघर्ष कर विविध आक्रमणों से हिंदू धर्म की रक्षा कैसे की?', इस इतिहास की व्यापक स्वरूप में शिक्षा हिंदू युवा पीढी को देनी चाहिए, साथ ही उन्हें हिंदू धर्म के प्रति अपने कर्तव्य का बोध कराना चाहिए। ऑस्ट्रेलिया के विचारक डा. यदु सिंह ने कहा कि 'डिसमेंटलिंग ग्लोबल हिन्दुत्व' परिषद के आयोजक और वक्ता केवल हिंदू धर्मविरोधी नहीं, अपितु नक्सलवादियों के समर्थक तथा भारतीय सैनिकों का विरोध करनेवाले देशद्रोही ही हैं। इस परिषद का पूरे विश्‍व के हिंदुओं ने इंटरनेट मीडिया सहित अन्य माध्यमों से प्रतिकार किया। इस कारण उनका उद्देश्य सफल नहीं हुआ।

Edited By: Rakesh Ranjan