जमशेदपुर, जासं। कोरोना संक्रमण की वजह से जैसे-जैसे लॉकडाउन बढ़ता गया बेरोजगारी, आर्थिक तंगी, और नौकरी जाने के कारण लोग अवसाद से ग्रसित होते जा रहे हैं। नतीजा, आपसी और पारिवारिक विवाद बढ़ने लगे हैं। स्थिति ऐसी भी बनने लगी है कि लोग आत्मघाती कदम उठाने लगे हैं।

शहर में रोज किसी न किसी इलाके से खुदकुशी के मामले सामने आते ही रहते हैं। बीते पांच माह में खुदकुशी और खुदकुशी के प्रयास की घटना जमशेदपुर, आदित्यपुर और इससे सटे इलाके में बढ़ी है। शनिवार को परसुडीह थाना क्षेत्र हलुदबनी में दंपती ने बेरोजगारी के कारण कीटनाशक का सेवन कर लिया था। दोनों एमजीएम अस्पताल में दाखिल हैं। वहीं शनिवार को एक नाई ने अपने सैलून में ही जान दे दी। जीवन संस्था के अनुसार आर्थिक तंगी के कारण जनवरी से तीन अगस्त अब तक 14 ने खुदकुशी कर ली। इनमें जून में छह और जुलाई में छह ने मौत को गले लगाया। इन लोगों ने आर्थिक तंगी क कारण की खुदकुशी। 

ये रहे मामले 

  • 19 मई को ऑटो चालक एमजीएम बालीगुमा निवासी महेश तंतुबाई ने फांसी लगा खुदकुशी कर ली थी। लॉकडाउन में ऑटो नहीं चलने के कारण आर्थिक तंगी से वह परेशान था।
  • 21 मई को सीतारामडेरा के कल्याणनगर में ऑटो चालक ने कर ली थी खुदकुशी।
  • 15 जुलाई को बागबेड़ा बजरंगटेकरी में खलासी का काम करने वाले रवि झा ने की खुदकुशी। 
  • 3 मई को परसुडीह में साधु सरदार ने फांसी लगा कर ली खुदकुशी।
  • 12 मई नौकरी चले जाने के कारण तनाव में टाकू ने की खुदकुशी।
  • 14 जुलाई को बागबेड़ा में फेरी लगाकर सामान बेचने वाले संजीव साहू ने की खुदकुशी।
  • 30 जुलाई को कदमा में मंगल महाकुड ने आर्थिक तंगी के कारण की खुदकुशी।

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