चाकुलिया, जागरण संवाददाता। चाकुलिया प्रखंड के मालकुंडी पंचायत अंतर्गत जामडोल गांव निवासी 55 वर्षीय दिव्यांग डमन पातर को बीते 2 वर्ष से अधिक समय से पेंशन नहीं मिली है। उन्होंने आखिरी बार 27 सितंबर 2019 को पेंशन राशि का उठाव किया था। इसके बाद जब भी बैंक जाते हैं तो पता चलता है कि पेंशन नहीं आया है। अब पेंशन की टेंशन में वह सरकारी दफ्तरों का चक्कर काट रहे हैं। शुक्रवार को दिव्यांग डमन अपने पुत्र प्रीतम पातर के साथ चाकुलिया प्रखंड कार्यालय पहुंचे।

प्रीतम ने बताया कि प्रखंड कार्यालय स्थित कंप्यूटर ऑपरेटर तरुण महतो से पूछने पर उन्होंने कहा कि उनका नाम ऑनलाइन दिखाई नहीं पड़ रहा है। पहले आईसीडीएस के माध्यम से दिव्यांगों को पेंशन मिलता था। इसलिए वहीं जाकर पता करो। जब प्रीतम नीचे बाल विकास परियोजना कार्यालय में गया तो वहां मौजूद महिला पर्यवेक्षिका शकुंतला सिंकु ने बताया कि सारा आंकड़ा प्रखंड कार्यालय को भेज दिया गया है। यहां कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। प्रखंड विकास पदाधिकारी के क्षेत्र भ्रमण पर होने के कारण उनसे दिव्यांग पुत्र की मुलाकात नहीं हो पाई। आखिरकार वह ऊपर नीचे का चक्कर काटकर अपने पिता को लेकर वापस लौट गया। इस संबंध में बीडीओ देवलाल उरांव से पूछने पर उन्होंने बताया कि किस कारणवश पेंशन रुका है, यह देखना पड़ेगा। सोमवार एवं मंगलवार को प्रशासन आपके द्वार कार्यक्रम है। बुधवार को भी इस संबंध में पता करेंगे ताकि दिव्यांग का पेंशन शुरू हो सके।

Edited By: Rakesh Ranjan