जमशेदपुर (जेएनएन)। पातकोम दिशोम माझी पारगाना ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। संगठन की बैठक चांडिल में रामेश्वर बेसरा की अध्यक्षता में हुई। जिसमें हजारों की संख्या में आदिवासी महिला व पुरुष अपने पारंपरिक पोशाक व औजारों के साथ पहुंचे थे। 

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरायकेला-खरसावां जिला पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यहां संविधान 244 (1) के प्रावधान लागू हैं। मौजा खुदियाडीह चांडिल में विगत 25 सितंबर 2018 को विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता द्वारा आदिवासी जनजाति समुदाय के सदस्य के साथ  मारपीट व जाति सूचक गाली देने के विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया था। प्रशासन द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर आदिवासी समुदाय प्रशासनिक रवैये का पुरजोर विरोध करता है। 

बैठक में प्रशासन को सात दिनों का समय देते हुए कहा गया कि माझी पारगाना व्यवस्था के तहत प्रशासन सात दिनों के अंदर नामित गैर आदिवासियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई करे। यदि कारवाई नहीं करती है तो आदिवासी समाज वृहद आंदोलन करने के लिए विवश होगा। जिसकी जिम्मेदार जिला प्रशासन होगी। 

बैठक में पातकोम दिशोम मांझी पारगाना के सदस्यों ने मांग की कि अनुसूचित जनजाति समाज के सदस्य पर दर्ज मामले को निरस्त किया जाए। उक्त मामले में गिरफ्तार किए गए आदिवासी जनजाति समाज के तीनों सदस्यों को बिना शर्त अविलंब जेल से रिहा किया जाए। 

इस अवसर पर पातकोम दिशोम के पारगना रामेश्वर बेसरा, दशमत हांसदा, दुर्गा चंद्र हेम्ब्रम, बिरेन्द्र कुमार, कपूर बागी, ज्योति लाल बेसरा, हेमंत कुमार मार्डी, दीपक महतो, मंगल चन्द्र टुडू, श्यामल मार्डी, सुकमार सोरेन, बुद्धेश्वर किस्कू, रमेश माझी आदि उपस्थित थे। 

 

Posted By: Rakesh Ranjan