जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। शहर के आसपास की पंचायतें टैंकर के भरोसे हैं। टैंकर से पानी आता है तो इन्हें पानी मिलता है। यहां लगे तकरीबन 263 हैंडपंप सूखे पड़े हैं। ग्रामीणों ने इसके लिए कई बार शिकायत की लेकिन, प्रशासन सुनने का नाम नहीं ले रहा है। मुखिया भी पानी की समस्या खत्म करने के लिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं। जिला परिषद के पास फंड ही नहीं है। 

इन ग्रामीण इलाकों में पानी के लिए हाहाकार है। लेकिन, जिला प्रशासन को चिंता ही नहीं है। ग्रामीणों ने कई बार उपायुक्त कार्यालय आकर उपायुक्त अमित कुमार से इसकी शिकायत की लेकिन, वो भी नहीं सुन रहे हैं। शहर से सटी पंचायतों की हर साल की यही कहानी है। लेकिन, हर साल जिला प्रशासन इन इलाकों में पानी का इंतजाम कराता था। लेकिन, इस साल जिला प्रशासन ने न तो इन इलाकों में पानी की आपूर्ति के लिए कोई बैठक की और ना ही इन इलाकों में टैंकर से जलापूर्ति सुनिश्चित कराई। इस वजह से इन इलाकों में मनमाने तरीके से टैंकर पहुंच रहे हैं।

जिन कंपनियों को टैंकर पहुंचाने की जिम्मेदारी है वो ढिलाई बरत रही हैं। हफ्ते में एक-दो बार टैंकर पहुंचा दिया तो ठीक है। सरजामदा के रमेश मुर्मू का कहना है कि इस साल इन गांवों में पानी के लिए जो हाहाकार है उतना कभी नहीं था। हैंडपंप खराब पड़े हैं। लेकिन, जिला प्रशासन को कोई दर्द नहीं है। 

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Posted By: Rakesh Ranjan

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