बंदवान से संविदाकर्मी और शिक्षक गिरफ्तार, 18 लाख की साइबर ठगी में ओडिशा पुलिस ले गई ट्रांजिट रिमांड पर
ओडिशा पुलिस ने पश्चिम बंगाल के बंदवान से एक संविदा स्वास्थ्यकर्मी और एक स्कूल शिक्षक को 18 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है।

ओडिशा पुलिस की टीम ने छापेमारी कर एक संविदा स्वास्थ्यकर्मी और एक स्कूल शिक्षक को गिरफ्तार किया है।
HighLights
ओडिशा पुलिस ने बंदवान से दो साइबर ठगों को पकड़ा।
आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर ओडिशा ले जाया गया।
संसू, बंदवान। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले का बंदवान क्षेत्र में साइबर ठगी के एक बड़े मामले की जांच करते हुए ओडिशा पुलिस की टीम ने छापेमारी कर एक संविदा स्वास्थ्यकर्मी और एक स्कूल शिक्षक को गिरफ्तार किया है।
दोनों पर करीब 18 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी में शामिल होने और ठगी की रकम खातों में मंगाकर ट्रांसफर करने का गंभीर आरोप है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बंदवान निवासी बिमल कालिंदी (उप स्वास्थ्य केंद्र में संविदा कर्मी) और पार्थ हालदार (स्कूल शिक्षक) के रूप में हुई है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के साइबर क्राइम एवं इकोनॉमिक ऑफेंस थाने में करीब 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान जब पैसों का डिजिटल ट्रेल ट्रैक किया गया, तो तार पुरुलिया के बंदवान से जुड़े मिले। इसके बाद भुवनेश्वर पुलिस की विशेष टीम ने शुक्रवार देर रात बंदवान में दबिश देकर दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
जांच में पुलिस को पता चला कि साइबर ठगी की शिकार बनाई गई राशि में से करीब 18 लाख रुपये बिमल कालिंदी के बैंक खाते में जमा कराए गए थे।
इसके बाद, आरोपी शिक्षक पार्थ हालदार ने कथित तौर पर एक अन्य बिचौलिए के माध्यम से उस रकम का बड़ा हिस्सा दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर करवा दिया।
इस एवज में पार्थ के अपने व्यक्तिगत खाते में भी करीब 10 हजार रुपये का कमीशन आया था। पुलिस अब दोनों के बैंक खातों के पूरे लेनदेन और अन्य संदिग्ध खातों की गहराई से पड़ताल कर रही है।
शनिवार सुबह आवश्यक कानूनी और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस को ट्रांजिट रिमांड मिल गई।
इसके बाद ओडिशा पुलिस दोनों को अपने साथ ले गई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साइबर नेटवर्क के मुख्य सरगना कौन हैं और ठगी की रकम किस-किस जगह भेजी गई।
गौरतलब है कि बंदवान इलाके में साइबर अपराध का यह कोई पहला मामला नहीं है। महज 15 दिन पहले भी पुरुलिया साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बंदवान से श्यामल बरन सहिस नाम के युवक को 82.75 लाख रुपये की विशाल साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया था।
एक के बाद एक सफेदपोश और स्थानीय लोगों की संलिप्तता सामने आने से पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है।
