संसू, चाकुलिया : बहुप्रतीक्षित चाकुलिया-बुरामारा रेल लाइन के लिए उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रधानमंत्री को जमीन देने से संबंधित पत्र भेज दिया है। पत्र में उड़ीसा के सीएम ने लिखा है कि बुरामारा से झारखंड के चाकुलिया तक प्रस्तावित 55 किलोमीटर लंबी रेल लाइन वर्ष 2019 में ही रेलवे ने स्वीकृति दे दी थी। लेकिन दुर्भाग्य से अभी तक इसका काम शुरू नहीं हुआ है। इस परियोजना के लिए मैं निशुल्क जमीन देने की घोषणा करता हूं। श्री पटनायक ने आगे लिखा है कि इस रेल लाइन के बनने से जनजातीय बहुल उड़ीसा के मयूरभंज जिला एवं झारखंड के बीच आवागमन में काफी सहूलियत होगी। क्षेत्र के लोगों को कहीं अधिक सामाजिक, औद्योगिक एवं आर्थिक अवसर प्राप्त होंगे। ओडिशा के सीएम की इस घोषणा के बाद अब गेंद पूरी तरह झारखंड सरकार के पाले में आ गई है। बता दें कि प्रस्तावित बुरामारा चाकुलिया रेल लाइन में 17 किमी उड़ीसा तथा 38 किमी झारखंड का हिस्सा पड़ता है। रेलवे इसका सर्वे भी करा चुका है। गत 3 दिसंबर को संसद में रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने इस परियोजना को लेकर बयान दिया था जिसमें उन्होंने दोनों राज्यों की सरकारों से भूमि अधिग्रहण तथा फॉरेस्ट क्लीयरेंस का काम जल्द से जल्द निपटाने का आग्रह किया था। इसके बाद से ही यह मामला चर्चा में है। डा. दिनेश षाड़ंगी ने सीएम को लिखा पत्र : संसद में रेल मंत्री के बयान के बाद बुरामारा चाकुलिया रेल लाइन को लेकर गतिविधियां तेज हो गई है। प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सह बहरागोड़ा के पूर्व विधायक डा. दिनेश षाड़ंगी ने मंगलवार को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर बुरामारा चाकुलिया रेल लाइन के लिए जमीन एवं फॉरेस्ट क्लीयरेंस का काम प्राथमिकता के आधार पर करवाने का अनुरोध किया है। पत्र में डा. षाड़ंगी ने लिखा है कि पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा एवं रघुवर दास के कार्यकाल में सर्वसम्मति से इस रेल परियोजना को राज्य सरकार मंजूरी दे चुकी है। इसे लेकर मैं आपसे पहले भी मिल चुका हूं। जब मैं विधानसभा के बाहर धरने पर बैठा था तब संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने जल्द ही इस मामले में सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन राज्य सरकार की तरफ से दिया था। रेल मंत्री द्वारा राज्यसभा में की गई घोषणा से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं। इसलिए राज्य सरकार को भी जल्द से जल्द इस मामले में पहल करना चाहिए।

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