-- जमशेदपुर में पारडीह से डिमना चौक तक एनएच-33 पर भूमि अधिग्रहण लंबित है।

-- बोड़ाम प्रखंड के दो गांवों व केवाली मौजा में 2.301 हेक्टेयर वनभूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजना है। वन विभाग से इसका क्लीयरेंस लेना है।

-- रांची बाईपास में 2.52 किलोमीटर सड़क पर 11 गांव तक भूमि अधिग्रहण का काम पूरा कर लेना है।

- रांची से जमशेदपुर के बीच एनएच-33 बुंडू और तमाड़ गांव में सड़क किनारे निजी इमारतों और पांचा गांव में .79 डेसीमल का भुगतान का काम कर अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करनी है।

-- 11.408 हेक्टेयर वन भूमि के अपयोजन में द्वितीय स्तर का क्लीयरेंस का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जा चुका है। वन एवं पर्यावरण विभाग मंत्रालय से क्लीयरेंस हासिल करे।

-- दलमा वन्य जीव अभ्यारण्य के बालीगुमा में 2.64 हेक्टेयर वन्य जीव भूमि के ई अधिसूचना का काम पूरा कराना है।

-- पांच अदद एलीफैंट कॉरीडोर के लिए निविदा आमंत्रित की जानी है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण का काम पांच साल से लंबित है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से स्टेज वन क्लीयरेंस हासिल करने का काम पूरा कर लिया जाए।

-- कोकरामारागरिया गांव में निजी संरचनाओं का भूमि अधिग्रहण लंबित।

-- महुलिया के आगे चारचक्का में 1.24 एकड़, कोकपारा में 5.11 एकड़ और बांसकटिया में 1.775 एकड़ भूखंड का लंबित है।

- एनएच-33 पर जोरशोल, सोनाखून पर भी भूमि अधिग्रहण लंबित। बंटना है 24 करोड़ 67 लाख 58 हजार 36 रुपये का मुआवजा। जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : रांची-बहरागोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग-33 (एनएच-33) को बनाने की कवायद शुरू हो गई है। एनएच-33 को बदहाल बनाने में भूमि अधिग्रहण की लेट-लतीफी की अहम भूमिका रही है। फाइलों और प्रस्तावों के भौतिक आदान-प्रदान की वजह से इसमें देर होती थी। अधिग्रहण के काम में तेजी लाने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय अधिग्रहण के सारे प्रस्ताव ऑन लाइन ही स्वीकार करेगा। इसके लिए मंत्रालय ने भूमिराशि पोर्टल बनाया है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमित घोष ने इस संबंध में सभी जिलों को पत्र भेज दिया है। इसके अनुसार अब भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव जिले से ही बैठ कर मंत्रालय द्वारा तैयार पोर्टल भूमिराशि पर अपलोड कर दिए जाएंगे। वहां एनएचएआइ हेडक्वार्टर के अधिकारी इसका अध्ययन करने के बाद वहीं से इस पर अपनी टिप्पणी देंगे या मंजूर कर देंगे। इस ऑनलाइन प्रक्रिया से भूमि अधिग्रहण में तेजी आएगी। एनएच-33 के बचे हुए सारे प्रस्ताव ऑनलाइन ही भेजे जा रहे हैं।

------

नहीं स्वीकार होंगी अधिग्रहण की भौतिक फाइलें जिलों को बताया गया है कि अब एनएच के लिए भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव फाइल की शक्ल में हर्गिज स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अभी तक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) जिले में तैयार अधिग्रहण के प्रस्ताव की फाइलें लेकर दिल्ली स्थित हेडक्वार्टर जाता था। इस तरह अधिग्रहण की भौतिक फाइल भेजी जाती थी।

Posted By: Jagran