जमशेदपुर, जासं। प्राचीनकाल में मनुष्य को समाप्त करने के लिए राक्षसी शक्तियां कार्यरत थीं। अब वे राक्षस कट्टरपंथियों के रूप में कार्यरत हैं। हम उन्हें आतंकवादी कहते हैं। सर्वाधिक पुरातन सनातन धर्म को समाप्त करने के लिए उन्होंने कमर कसी है, परंतु हमने उन्हें हिंदू धर्म में प्रवेश का मार्ग दिखाया है। इसलिए आज अनेक लोग हिंदू धर्म में प्रवेश करने के इच्छुक हैं। वे मिल-जुलकर रहना चाहते हैं, परंतु हिंदू धर्म में प्रवेश करने से कट्टरपंथियों द्वारा उनका बुरा हाल किए जाने का उन्हें भय है। अब वह भय भी घट रहा है।

पहले तलवार के बल पर उनका धर्मांतरण हुआ था, परंतु अब वे हिंदू धर्म की ओर आकर्षित हो रहे हैं। अब हिंदू धर्म में लौटने का समय आ गया है, ऐसी स्पष्ट भूमिका जीतेंद्र नारायण सिंह त्यागी (पूर्व नाम वसीम रिजवी) ने प्रस्तुत की। वे हिंदू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित ‘ हिंदू धर्म में पुनर्प्रवेश : आवश्यकता और उपाय’ विषयक ऑनलाइन संवाद में बोल रहे थे।

हिंदू धर्म में प्रवेश करनेवालों का विशाल हृदय से स्वागत करें : श्रीगुरु परमात्माजी महाराज

इस संवाद में श्रीक्षेत्र द्वारापुर, धारवाड़ स्थित श्री परमात्मा महासंस्थानम के श्रीगुरु परमात्माजी महाराज ने कहा कि संपूर्ण विश्व में हिंदू धर्म के समान श्रेष्ठ धर्म नहीं है। यह सत्य मौलवी, पादरी भी जानते हैं, परंतु मिथ्या कथाआें के आधार पर वे हिंदुआें का धर्मांतरण कर रहे हैं। जो लोग हिंदू धर्म में प्रवेश करने के इच्छुक हैं, उन्हें समाज में प्रतिष्ठा और मान्यता मिलने के लिए हिंदू समाज को आगे आकर एक सुदृृढ़ योजना बनानी चाहिए। इंडोनेशिया जैसे देश में एक ही समय 50 हजार मुसलमानों ने हिंदू धर्म में प्रवेश किया है, यह हाल ही की घटना हमारे सामने हैं। हिंदू धर्म में प्रवेश करनेवालों के मन में अभी तक भय है, इसलिए हिंदू समाज को ऐसे लोगों का समर्थन कर विशाल हृदय से उनका स्वागत करना चाहिए। श्रेष्ठ संगठन के संस्थापक अधिवक्ता सत्येंद्र वशिष्ठ ने कहा कि बड़ी संख्या में पीडित लोग इस्लाम छोडने के लिए तैयार हैं। हिंदू धर्म में पुनर्प्रवेश करनेवाले कट्टर मार्ग छोडकर उदार विचारधारा का स्वीकार कर रहे हैं, यह ध्यान में रखना चाहिए। ऐसों को हिंदू धर्म में आने पर स्वागत करना चाहिए। जो हिंदू धर्म में पुनर्प्रवेश कर रहे हैं, उनका उचित पुनर्वसन भी करना आवश्यक है।

यूरोप में इस्लाम छोड़ने का अभियान हो चुका शुरू

हिंदू जनजागृति समिति के प्रवक्ता नरेंद्र सुर्वे ने कहा कि कट्टरतावाद के कारण यूरोप में अब इस्लाम छोडने का अभियान प्रारंभ हो गया है। अनेकों ने हाथ में फलक लेकर इस्लाम छोड़ने के फोटो ट्वीटर पर डाले हैं। वाशिंगटन की ‘प्यू रिसर्ज संस्था’ के सर्वेक्षणानुसार भारत के 6 प्रतिशत मुसलमानों को इस्लाम में बताई गई बातों पर विश्‍वास नहीं है। ऐसे 6 प्रतिशत लोग सनातन हिंदू धर्म में प्रवेश कर सकते हैं। वसीम रिजवी और केरल के अली अकबर ही नहीं, अपितु संपूर्ण देश में इस्लाम छोड़ने का वातावरण निर्माण हो गया है।

Edited By: Rakesh Ranjan