जमशेदपुर, जासं। कोविड-19 (कोरोना) के बढ़ते संक्रमण को लेकर उपायुक्त सूरज कुमार ने को निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम के संचालकों की बैठक बुलाई थी, लेकिन इसमें करीब एक दर्जन नामीगिरामी नर्सिंग होम का कोई प्रतिनिधि नहीं आया। इससे नाराज होकर उपायुक्त ने इन्हें शोकॉज किया है।

इसमें गंगा मेमोरियल अस्पताल (मानगो), लाइफलाइन नर्सिंग होम (साकची), सिंह नर्सिंग होम (घाटशिला), डा. पीके घोष (बहरागोड़ा), वीणापाणि नर्सिंग होम (कदमा), मोहिनी स्मृति सदन नर्सिंग होम व स्वर्णरेखा नर्सिंग होम शामिल हैं। इन सभी निजी अस्पतालों को कोरोना से संबंधित बैठक में अनुपस्थित रहने व आपदा की घड़ी में लापरवाही बरतने के कारण स्पष्टीकरण मांगा गया है।

कोविड बेड की क्षमता बढ़ाने की सख्त चेतावनी

कोविड-19 (कोरोना) के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए उपायुक्त सूरज कुमार ने मंगलवार को जिले के सभी निजी अस्पतालाें-नर्सिंग होम के संचालकों-चिकित्सकों की बैठक बुलाई, जिसमें उनसे कोविड, आक्सीजन, आइसीयू-सीसीयू व वेंटिलेटर बेड की क्षमता बढ़ाने को कहा। उपायुक्त ने कहा कि कोविड-19 संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पतालों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सहज, सुलभ व ससमय उपचार करना और मानव जीवन को बचाना व्यापक लोकहित में आवश्यक है। उपायुक्त ने सभी निजी अस्पतालों के संचालकों को नॉर्मल बेड, ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड, वेंटिलेटर, आइसीयू बेड बढ़ाने का सख्त निर्देश दिया, ताकि जिले के संक्रमित मरीजों को उचित सुविधा मिल सके।

संचालकों से ली जरूरी जानकारी

उपायुक्त ने निजी अस्पताल के संचालकों से उनके अस्पताल में उपलब्ध बेड की संख्या व मूलभूत सुविधाओं की जानकारी भी ली। इसके साथ ही सभी अस्पताल संचालकों-प्रबंधकों से अस्पताल से संबंधित आवश्यक जानकारी (अस्पताल का नाम, स्थान, चिकित्सक का नाम, अस्पताल में कुल बेड की संख्या, कोविड-19 हेतु आरक्षित बेड की संख्या, वेंटिलेटर की सुविधा की उपलब्धता) समेत अन्य जानकारी ली, ताकि आवश्यकता के अनुरूप एक योजना के साथ जिले के कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के इलाज का प्लान तैयार किया जा सके।

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