टाटा समूह में बड़ा फेरबदल: नोएल टाटा ऑपरेटिंग कंपनियों से होंगे अलग, टाटा संस पर रहेगा पूरा नियंत्रण
नोएल टाटा 70 वर्ष की आयु पूरी होने पर टाटा स्टील सहित छह ऑपरेटिंग कंपनियों के बोर्ड से हटेंगे, लेकिन टाटा संस में ट्रस्ट के नामित निदेशक बने रहेंगे।

नोएल टाटा आगामी 12 नवंबर को 70 वर्ष की आयु पूरी करते ही टाटा स्टील के बोर्ड से अलग हो जाएंगे।
HighLights
नोएल टाटा 70 वर्ष की आयु पर बोर्ड से हटेंगे।
टाटा स्टील समेत छह ऑपरेटिंग कंपनियों से इस्तीफा देंगे।
टाटा संस बोर्ड में ट्रस्ट के नामित निदेशक रहेंगे।
जासं, जमशेदपुर। टाटा समूह की रिटायरमेंट पॉलिसी के तहत टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा आगामी 12 नवंबर को 70 वर्ष की आयु पूरी करते ही टाटा स्टील के बोर्ड से अलग हो जाएंगे।
वर्तमान में वे टाटा स्टील के गैर-कार्यकारी वाइस चेयरमैन के रूप में कार्यरत हैं। टाटा स्टील के अलावा वे ट्रेंट, टाइटन, वोल्टास, टाटा इंटरनेशनल और टाटा इंवेस्टमेंट कार्पोरेशन समेत छह प्रमुख ऑपरेटिंग कंपनियों के निदेशक मंडल से इस्तीफा देंगे।
हालांकि, समूह की मुख्य होल्डिंग कंपनी टाटा संस के बोर्ड में वे टाटा ट्रस्ट के नामित निदेशक के रूप में बने रहेंगे।
यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर अंदरूनी मतभेद चर्चा में हैं।
बोर्ड द्वारा चंद्रशेखरन को 2027 से 2032 तक पांच साल का सेवा विस्तार देने के निर्णय का नोएल टाटा ने कड़ा विरोध किया है।
उन्होंने चयन प्रक्रिया और नियमों पर सवाल उठाते हुए पत्र भी लिखा है। इसके अतिरिक्त, टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग के मुद्दे पर भी ट्रस्ट और होल्डिंग कंपनी के बीच मतभेद हैं।
ऑपरेटिंग कंपनियों से हटने के बावजूद समूह पर नोएल टाटा का वर्चस्व कायम रहेगा। टाटा संस में करीब 66 प्रतिशत की निर्णायक हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट के अध्यक्ष होने के नाते उनका प्रभाव सर्वोपरि है।
समूह के नियमों के अनुसार ऑपरेटिंग कंपनियों में गैर-कार्यकारी निदेशकों के लिए 70 वर्ष की आयु सीमा तय है, जिसके तहत वे यह पद छोड़ रहे हैं।
जमशेदपुर की औद्योगिक रीढ़ मानी जाने वाली टाटा स्टील के वाइस चेयरमैन पद से नोएल टाटा के हटने के बाद अब कंपनी में नए उत्तराधिकारी की तलाश तेज हो गई है। शीर्ष स्तर पर यह फेरबदल रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
