जमशेदपुर, जासं।  टाटानगर रेलवे सिविल डिफेंस के कार्यालय में बाथरूम तक की सुविधा नहीं है। सड़क पर खड़े होकर ट्रेनिंग करने के लिए सिविल डिफेंस के सदस्य मजबूर हैं। इनके बैठने की उचित व्यवस्था तक कार्यालय में नहीं है। कार्यालय इतना छोटा है कि आधे सदस्य कार्यालय में तो आधे कार्यालय के बाहर ही खड़े रहते हैं। 

यह वही सिविल डिफेंस के सदस्य हैं जिन्होंने कोरोना संक्रमण काल में दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों की सेवा की और दिन -रात नहीं देखा। अपने परिवार से दूर रहे, ताकि संक्रमण घर तक नहीं पहुंच सके। अपनी जान की परवाह किए बिना देशहित व समाजहित में काम किया। ट्रेन में फूड प्वाइजनिंग होने पर यात्रियों को भोजन व डाक्टर की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद की, नुक्कड़ सभा का आयोजन कर स्टेशन में यात्रियों को जागरुक करने का काम इन्‍हीं सिविल डिफेंस के सदस्‍यों द्वारा किया जाता है। लेकिन सिविल डिफेंस के सदस्‍य अब विभागीय उदासीनता के शिकार हो रहे हैं। इनका मनोबल टूटता जा रहा है।

12 महिला सिविल डिफेंस के सदस्यों को बाथरूम की सुविधा नहीं

टाटानगर में सिविल डिफेंस में 45 सदस्य हैं। इनमें 12 महिला सदस्य हैं। कार्यालय में पहुंची महिला सदस्यों को चिंता सताए रहती है कि अगर बाथरूम जाना पड़े तो वे कहां जाएं, क्योंकि जिस क्षेत्र में सिविल डिफेंस का कार्यालय है वहां आसपास भी बाथरूम की सुविधा नहीं है। वहां से आधा किलोमीटर का सफर तय कर टाटानगर स्टेशन बाथरूम के लिए आना होता है इन महिला सिविल डिफेंस के सदस्यों को।

अधिकारियों से कई बार किया आग्रह

सिविल डिफेंस के इंस्पेक्टर संतोष कुमार सहित सदस्यों ने कई बार एरिया मैनेजर विकास कुमार सहित चक्रधरपुर मंडल के अधिकारियों से भी सिविल डिफेंस कार्यालय में बाथरूम व अन्य सुविधा देने का आग्रह किया लेकिन अब तक इन महिला सदस्यों के लिए बाथरूम तक नहीं बन पाया है। कार्यालय में बैठने की कुर्सी का अभाव है। फाइल रखने के लिए अलमारी तक नहीं है। सिविल डिफेंस कार्यालय के बाहर ही खड़े होकर सदस्यों की ट्रेनिंग कराई जाती है। क्योंकि ट्रेनिंग करने के लिए इनके पास जगह तक नहीं है। ट्रेनिंग के दौरान अगर किसी बात को लिख कर समझाना होगा तो उसके लिए बोर्ड तक की व्यवस्था इस कार्यालय में नहीं है।

इनकी सुनें

सिविल डिफेंस के कार्यालय में बाथरूम की सुविधा नहीं है। कार्यालय में महिला व पुरुष दोनों ही सदस्य उपस्थित रहते हैं। सिविल डिफेंस के सदस्यों के लिए ट्रेनिंग के स्थान की सुविधा भी नहीं है। इससे काफी परेशानी होती है।

-संतोष कुमार, इंस्पेक्टर, सिविल डिफेंस टाटानगर

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