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15 लाख की सुपारी, चांडिल जमीन विवाद में 6 गिरफ्तार; अखिलेश और गणेश सिंह गिरोह का कनेक्शन आया सामने

Published: Wed, 02 Sep 2026 06:08 PM (IST)

जमशेदपुर के चर्चित व्यवसायी निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस ने मास्टरमाइंड अशोक राघव समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

HighLights

  1. निखार सबलोक हत्याकांड: मास्टरमाइंड अशोक राघव सहित छह आरोपी गिरफ्तार।

  2. चांडिल जमीन विवाद और आपराधिक गिरोहों की आपसी रंजिश बनी वजह।

  3. पुलिस जांच में खुलासा, हत्या के लिए 15 लाख की सुपारी दी गई।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। जमशेदपुर के चर्चित व्यवसायी निखार सबलोक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 
 
पकड़े गए आरोपियों में अशोक सिंह, रितेश सिंह, अंकित सिंह और सुनील रजक शामिल हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस हत्याकांड के तार चांडिल के एक जमीन विवाद और कुख्यात आपराधिक गिरोहों के बीच चल रही आपसी दुश्मनी से जुड़े पाए गए हैं। 
 
जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. एहतेशाम वकारिब और सरायकेला पुलिस अधीक्षक (SP) मनोज स्वर्गियारी ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी।
 

अशोक राघव मास्टरमाइंड, 15 लाख रुपये में दी गई थी सुपारी 

पुलिस के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड की साजिश रचने में अशोक राघव की मुख्य भूमिका रही है और वही इस मर्डर केस का मास्टरमाइंड है।
 
जांच में खुलासा हुआ है कि निखार सबलोक की हत्या कराने के लिए लगभग 15 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। 
 
पुलिस अब इस बिंदु की गहनता से पड़ताल कर रही है कि सुपारी की यह भारी-भरकम रकम किसने मुहैया कराई और साजिश के तार किस स्तर तक जुड़े हुए थे। आरोपियों की गिरफ्तारी सरायकेला के डोबो इलाके से की गई है।
 

उत्तर प्रदेश के शूटर ने चलाई थी गोली, सुनील चला रहा था कार 

पूछताछ के दौरान आरोपी रितेश सिंह ने खुलासा किया कि निखार पर गोली अंकित सिंह ने चलाई थी, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला पेशेवर शूटर है। 
 
वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद अंकित रांची फरार हो गया था। पुलिस की टीमें अब दूसरे शूटर की पहचान और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।


जांच में सुनील रजक की भूमिका भी स्पष्ट हुई है, जो वारदात के समय शूटरों को ले जाने और भागने के लिए इस्तेमाल की गई गाड़ी चला रहा था। पुलिस आरोपियों के बीच हुए संपर्क और भागने के रूट को लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है।

अखिलेश और गणेश सिंह गिरोह की खूनी जंग 

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस हत्याकांड के पीछे जमशेदपुर के चर्चित अखिलेश सिंह और गणेश सिंह गिरोह के बीच चल रही वर्चस्व की लड़ाई का पहलू भी सामने आ रहा है। पूरी वारदात को जमीन विवाद और आपराधिक गिरोहों की आपसी रंजिश के संदर्भ में देखा जा रहा है।

छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस सुपारी देने वाले असली चेहरों, रुपयों के लेन-देन के माध्यमों और जमीन विवाद की मुख्य जड़ तक पहुaचने में जुटी है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े सफेदपोशों की संलिप्तता उजागर होने की प्रबल संभावना है।