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Nikhar Sablok Murder Case: हत्या के आरोपी अशोक राघव के अस्पताल रेफरल प्रक्रिया की होगी जांच, सवालों के घेरे में जेल चिकित्सक

Published: Sun, 04 Oct 2026 04:55 AM (IST)

निखार सबलोक हत्याकांड के मुख्य आरोपी अशोक सिंह राघव को एमजीएम अस्पताल से सरायकेला जेल भेज दिया गया है। सरायकेला-खरसावां ...और पढ़ें

होटल कारोबारी निखार सबलोक की हत्या मामले के मुख्य साजिशकर्ता सोनारी खूंटाडीह निवासी अशोक सिंह राघव को जेल भेज दिया गया।

होटल कारोबारी निखार सबलोक की हत्या मामले के मुख्य साजिशकर्ता सोनारी खूंटाडीह निवासी अशोक सिंह राघव को जेल भेज दिया गया।

HighLights

  1. अशोक राघव को एमजीएम अस्पताल से सरायकेला जेल भेजा गया।

  2. उपायुक्त ने अस्पताल रेफरल प्रक्रिया की जांच के आदेश दिए।

  3. जेल चिकित्सक की भूमिका और रेफरल आधार की होगी जांच।

जासं, जमशेदपुर/सरायकेला। कदमा थाना क्षेत्र के विजया हेरिटेज निवासी होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता अशोक सिंह राघव (निवासी सोनारी खूंटाडीह) को एमजीएम अस्पताल से सीधे सरायकेला जेल भेज दिया गया है।
 
अशोक राघव 12 सितंबर से सरायकेला सदर अस्पताल में भर्ती था। उसकी स्थिति को देखते हुए वहां के मेडिकल बोर्ड ने बेहतर जांच और इलाज के लिए उसे एमजीएम अस्पताल रेफर किया था। 
 
हालांकि, एमजीएम अस्पताल में हुई चिकित्सकीय जांच के बाद डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि आरोपी को भर्ती रखने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके तुरंत बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सरायकेला जेल स्थानांतरित कर दिया।
 

उपायुक्त ने दिए जांच के आदेश 

इस पूरे घटनाक्रम और आरोपी के लगातार अस्पतालों में रहने को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त (डीसी) नीतिश कुमार सिंह ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। 
 
इस जांच के तहत राघव के लंबे समय तक अस्पताल में रहने, एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर किए जाने के कारणों और प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। इस मामले में विशेष रूप से जेल चिकित्सक की भूमिका और मेडिकल रेफरल के आधार को जांच के दायरे में रखा गया है।
 

शुरुआत से ही विवादों में रहा इलाज 

उल्लेखनीय है कि गिरफ्तारी के बाद चांडिल थाना पुलिस ने राघव को एमजीएम अस्पताल के बजाय सीधे टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) भेजा था, जहां कई दिनों के इलाज के बाद उसे सरायकेला जेल भेजा गया था। 
 
प्रशासनिक जांच शुरू होने से अब हत्याकांड की पुलिस तफ्तीश के साथ-साथ जेल व्यवस्था और चिकित्सकीय तंत्र भी गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है।