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NH-18 पर महाजाम : 20 घंटे ठप रहा बंगाल-ओडिशा रूट, खेतों के रास्ते केंद्र पहुंचे परीक्षार्थी

Published: Mon, 09 Feb 2026 06:54 PM (IST)Updated: Mon, 09 Feb 2026 07:13 PM (IST)

राष्ट्रीय राजमार्ग 18 पर नीमडीह में रविवार शाम से सोमवार दोपहर तक 20 घंटे का महाजाम लगा रहा। इस 15 ...और पढ़ें

जामडीह से घोड़ालिंग गांव तक वाहनों की लंबी कतार लग गई।

जामडीह से घोड़ालिंग गांव तक वाहनों की लंबी कतार लग गई।

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संक्षेप में पढ़ें
जागरण संस, नीमडीह। राष्ट्रीय राजमार्ग 18 पर रविवार शाम से यातायात व्‍यवस्‍था ठप हो गई। सड़क जाम सोमवार दोपहर तक बरकरार रहा।
 
करीब 20 घंटों तक लगे 15 किलोमीटर लंबे महाजाम ने न केवल झारखंड, ओड़िशा, बंगाल और बिहार को जोड़ने वाली इस लाइफलाइन को ठप कर दिया, बल्कि सैकड़ों जिंदगियों को भी संकट में डाल दिया। 

परीक्षार्थियों की अग्निपरीक्षा 

झारखंड में वर्तमान में मैट्रिक और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। सोमवार को चांडिल क्षेत्र के उन परीक्षार्थियों के लिए यह जाम मानसिक प्रताड़ना बन गया, जिनका केंद्र नीमडीह के रघुनाथपुर स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय में था। 
 
एनएच पर फंसे छात्र समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने के लिए छटपटाते दिखे। कई छात्रों ने जोखिम उठाते हुए अपनी बाइक से खेतों और ऊबड़-खाबड़ संकरे रास्तों से होते हुए जैसे-तैसे केंद्र तक पहुंचे, जबकि कई परीक्षार्थी निर्धारित समय से काफी देरी से पहुंचे। 

एम्बुलेंस में घंटों फंसी रही जिंदगियां 

जाम का सबसे वीभत्स चेहरा स्वास्थ्य सेवाओं की बेहाली के रूप में दिखा। नीमडीह, कुकडू और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों से गंभीर मरीजों को लेकर जमशेदपुर जा रही दर्जनों एम्बुलेंस घंटों जाम में फंसी रहीं। 
 
सामाजिक कार्यकर्ता अवधेश मुर्मू ने बताया कि एम्बुलेंस को रास्ता देने तक की जगह नहीं बची थी। जिससे कई मरीजों की हालत नाजुक हो गई। 

अधूरा निर्माण और खराब वाहन बने मुसीबत 

जाम की तात्कालिक वजह रविवार रात पितकी ओवरब्रिज पर एक भारी वाहन का खराब होना था। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि असली समस्या राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और निर्माण कंपनी की लापरवाही है। पितकी ओवरब्रिज का निर्माण लंबे समय से अधूरा पड़ा है। 

नेताओं की चुप्पी और जनता का आक्रोश 

इधर, पितकी रेलवे फाटक का बार-बार बंद होना इस समस्या को और विकराल बना देता है। आश्चर्यजनक है कि जिस मार्ग से प्रतिदिन मंत्री, सांसद और वरीय अधिकारियों का काफिला गुजरता है, वहां की इस चिर-परिचित समस्या पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
 
स्थानीय ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ओवरब्रिज का काम पूरा कर यातायात व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।