जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की पूर्वी क्षेत्र काउंसिल की 274वीं बैठक पिछले दिनों भुवनेश्वर में कमेटी के चयेरमैन प्रोफेसर केबी दास की अध्यक्षता में हुई। इसमें जमशेदपुर के पोखारी स्थित नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट समेत कोल्हान के कई बीएड कॉलेजों पर चर्चा हुई। इसमें एनसीटीई ने नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट पर गाज गिरा दी। इससे पहले जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज पर गाज गिराई थी। एनसीटीई की बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट में बीएड एडमिशन पर रोक लगा दी है। नया सत्र 2020-21 में अब यह संस्थान नामांकन नहीं ले सकेगा। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि बार-बार शो-कॉज के बावजूद एनसीटीई के नियमानुसार शिक्षकों की नियुक्ति, प्रिंसिपल की स्थायी नियुक्ति, जमीन संबंधी दस्तावेज, बिल्डिंग प्लान, फैकल्टी लिस्ट को अपलोड नहीं किया गया। इसके लिए निर्धारित राशि को भी नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ने जमा ही नहीं की गई। इस कारण नए सत्र में इस संस्थान में नामांकन नहीं हो सकता।

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इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन व एमबीएनएस को शो-कॉज

जासं, जमशेदपुर : सरायकेला स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन सरायकेला तथा चांडिल के आसनबनी स्थित एमबीएनएस इंस्टीट्यूट नामक बीएड संस्थानों पर भी गाज गिराने की तैयारी एनसीटीई ने कर ली है। इन दोनों संस्थानों को शो-कॉज जारी करते हुए एनसीटीई द्वारा निर्धारित शर्तों का 21 दिन में पूरा करने को कहा गया है। शो-कॉज जारी करते हुए बताया गया है कि इन संस्थानों ने फैकल्टी लिस्ट को अपडेट नहीं किया गया है। नेट और पीएचडी क्वालीफाई शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की है। बिल्डिंग प्लान का अप्रूवल भी नहीं दिखाया गया। यहां तक कि वेबसाइट भी अपडेट नहीं है। जमीन संबंधी दस्तावेज के साथ फायर सेफ्टी का प्रमाण पत्र भी अप्राप्त है। इस बैठक में डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन कदमा को 60 दिन का समय देते हुए फैकल्टी लिस्ट को अपडेट करने को कहा गया है।

Posted By: Jagran

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