जमशेदपुर (जासं) । कोरोना वायरस के कारण देश में ऐसा पहली बार हुआ जब प्रवासी मजदूर शहर से गांव की ओर लौट रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचने वाले मजदूरों के लिए केंद्र व राज्य सरकार रोडमैप तैयार कर सके ताकि उन्हें दक्ष बनाया जा सके। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआइआइ) ने यूएनजीसी इंडिया और सिटीजन फाउंडेशन के सहयोग से बिल्ड झारखंड, फोकस स्किल्स पर एक दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया। इसे संबोधित करते हुए ओएनजीसी फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी किरण डीएम ये बातें कहीं।

इस मौके पर झारखंड एमिटी के वाइस चासंलर रमन झा ने ने कहा कि जो भी प्रवासी महानगरों से अपने गांव की ओर लौट रहें है जरूरत है कि जो पहले से दक्ष हैं उन्हें भौगोलिक स्थिति के तहत फिर से प्रशिक्षित किया जाए। वहीं, सीआइआइ के सौरभ राय चौधरी ने बताया कि उनकी संस्था द्वारा देश के 11 राज्यों में युवाओं को प्रशिक्षित करने का काम कर रही है। वेबिनार में ओएनजीसी फाउंडेशन के सीइओ किरण डीएम, अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन के कंट्री निदेशक मैथ्यू जोसेफ, टाटा स्टील सीएसआर चीफ सौरव रॉय व नागरिक फाउंडेशन के सचिव गणेश रेड्डी सहित अन्य ने भी वेबिनार को संबोधित किया।

केंद्र सरकार तीन लाख प्रवासियों को कर रही है प्रशिक्षित

वेबिनार में सौगत राय चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार छह राज्यों के 116 जिलों में तीन लाख प्रवासी मजदूरों को दक्ष बना रही है ताकि उन्हें फिर से नौकरी ढूढऩे के लिए दूसरे राज्य जाने की जरूरत न पड़े। इसके अलावे स्थानीय कंपनियों के साथ काम कर रही है कि उन्हें किस तरह के दक्ष मजदूरों की आवश्यकता है क्योंकि कोविड 19 की समापति के बाद उन्हें भी दक्ष कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ेगी।

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