जमशेदपुर, जासं।  United forum of bank union यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने आठ जनवरी 2020 को बैंकों सहित राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आहवान किया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी है। 

यूनियन के अनुसार 30 सितंबर को दिल्ली में सेंट्रल ट्रेड यूनियन का संयुक्त अधिवेशन हुआ था। इसमें केंद्र सरकार के श्रमिक, किसान और जन विरोधी नीतियों का विरोध करने के लिए यह राष्ट्रव्यापी हड़ताल बुलाया है। यूनियन की मांग है कि केंद्र सरकार महंगाई पर नियंत्रण लगाए। बेरोजगारों को रोजगार दें। युवाओं को नौकरी और मजदूरी के अधिकार की गारंटी दे। नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करें। स्थायी नौकरियों को आउटसोर्स नहीं करें। श्रम कानूनों में प्रतिकूल संशोधन न करें। ट्रेड यूनियन के अधिकारों पर पर्दा न डाले। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को कमजोर न करें। न्यूनतम मजदूरी 21 हजार रुपये हो। सभी को पेंशन व बोनस मिले। सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण न करें। बैंकों का निजीकरण या विलय न करें। बैंकों के एनपीए की वसूली हो और ब्याज दर बढ़ाएं।

ये है यूनियन का दावा

यूनियन का दावा है कि इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एक्टू, एलपीएफ, यूटीयूसी सहित स्वतंत्र फेडरेशन व यूनियन इसमें शामिल हो रहे हैं। यूनियन का दावा है कि इस हड़ताल में आरबीआई, को-ऑपरेटिव बैंक, आरआरबी, एलआईसी, जनरल इंश्योरेंस सेक्टर के कर्मचारियों के अलावे रक्षा, उत्पादन, इस्पात, तेल, कोयला, रेलवे, बंदरगाह, परिवहन, सरकारी कर्मचारियों सहित शिक्षकों ने भी हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। 

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