जितेंद्र सिंह, जमशेदपुर। पूर्वी भारत की खेल राजधानी जमशेदपुर के लिए अच्छी खबर। एथलेटिक फेडरेशन ऑफ इंडिया ने यह निर्णय लिया है कि अगले पांच साल के लिए जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में नेशनल ओपेन एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन होगा। इसकी मेजबानी टाटा स्टील करेगी।

एथलेटिक्स फेडरेशन जेवलीन थ्रो, रेस वाकिंग को देगा बढ़ावा

टोक्यो ओलंपिक की भाला फेंक स्पर्धा में नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण जीता। इस उपलब्धि से उत्साहित एथलेटिक फेडरेशन ऑफ इंडिया ने कहा कि वह जूनियर प्रोग्राम को और मजबूत करना चाहता है। जयपुर में संपन्न हुई एक्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 400 मीटर, जेवलीन थ्रो, ट्रिपल जंप व रेस वाकिंग जैसी स्पर्धाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।

विश्व का सबसे बड़ा टैलेंट सर्च अंतर जिला जूनियर एथलेटिक्स मीट

एएफआई के अध्यक्ष अदिले सुमरीवाला ने कहा कि हम चाहते हैं कि जूनियर स्तर से ही एथलीटों को ज्यादा से ज्यादा प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिले। तीन साल पहले जूनियर प्रोग्राम को शुरू किया गया था। अब इसे लेकर एथलेटिक संघ अधिक गंभीर है। खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकें, इसके लिए जोनल लेवल पर कंप्टीशन कराया जाएगा। प्रतिभा को खोजने के लिए अंतर जिला जूनियर एथलेटिक्स मीट किया जाता है, जो विश्व का सबसे बड़ा टैलेंट सर्च इवेंट है।

जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, जमशेदपुर

कई खिलाड़ियों के कोच बदले जाएंगे

टोक्यो ओलंपिक में लॉन्ग जम्पर एम. श्रीशंकर, शॉट पुटर तजिंदरपाल सिंह तूर और भाला फेंक खिलाड़ी अन्नू रानी के प्रदर्शन में गिरावट के बाद एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया को कोच बदलने के लिए मजबूर कर दिया।एएफआई के अध्यक्ष आदिले सुमरिवाला ने कहा, श्रीशंकर के कोच, उनके पिता (पूर्व अंतरराष्ट्रीय एस मुरली) ने लिखित में दिया था कि अगर उन्होंने ओलंपिक में प्रदर्शन नहीं किया, अगर उन्होंने आठ मीटर पार नहीं किया, तो वह उन्हें कोचिंग देना बंद कर देंगे और वह हमारी बात सुनेंगे। पहली कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है, हमने उनके कोच को बदल दिया है। उन्होंने कहा कि अन्नू और शिवपाल सिंह के कोच उवे होन (पूर्व विश्व रिकॉर्ड धारक) को भी घर भेजा जा रहा है और हम तूर के लिए एक विदेशी कोच की तलाश कर रहे हैं। दो नए भाला कोच नियुक्त किए जाएंगे।

 

हालांकि, रिले और क्वार्टरमिलर कोच रूसी गैलिना बुखारिना पर फैसला नहीं हो पाया है। महिलाओं की 4x400 मीटर रिले टीम में ओलंपिक पदक जीतने की क्षमता है। इस बार, हालांकि, भारत ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर सका क्योंकि कई प्रमुख क्वार्टरमिलर घायल हो गए थे।

ओलंपिक में महिला रिले टीम का खराब प्रदर्शन पर बिफरे

सुमरिवाला ने कहा, हम कारणों का मूल्यांकन कर रहे हैं। महिलाओं को क्या हुआ, चोटें, या कोई और कारण ... लेकिन यह मत भूलिए कि पुरुषों ने एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा, इसलिए 400 मीटर कोच में एक अच्छा और एक बुरा है ... हमें मूल्यांकन करना होगा। किसी के लिए कोई प्यार नहीं है, यदि आप प्रदर्शन नहीं करते हैं, तो आपको बाहर जाना ही होगा। कई असफलताओं के बावजूद, यह भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ ओलंपिक रहा है जिसमें भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने देश को अपना पहला एथलेटिक्स स्वर्ण दिलाया।

Edited By: Jitendra Singh