जमशेदपुर, जासं। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग निजी स्कूलों की शिकायतों पर संज्ञान ले रहा है। शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन इसकी जांच भी कर रहा है। आयोग अब तक पांच बड़े स्कूलों में एडमिशन से लेकर विभिन्न मामलों पर उपायुक्त तक को शोकॉज जारी कर चुका है। इस कारण अब आयोग का पत्र आने के बाद विभाग भी जांच करने में तत्पर है। शिकायतकर्ता अब सीधे आयोग को शिकायत करने लगे हैं। पहले यह शिकायत उपायुक्त एवं शिक्षा विभाग में की जाती थी। वहां मामला दबा रह जाता था। कोई सुनवाई नहीं हो पाती थी। इस कारण अब शिकायतकर्ता सीधे आयोग का दरवाजा खटखटा रहे हैं। आयोग इन शिकायतों पर गंभीरतापूर्वक ध्यान देकर मामलों को संज्ञान में भी ले रहा है। 

आंध्र एसोसिएशन कदमा कमजोर एवं अभिवंचित वर्ग के बच्चों का एडमिशन नहीं ले रहा था। जमशेदपुर अभिभावक संघ की चार माह की लड़ाई के बाद एडमिशन हुआ। एडमिशन लेने वाले पांच बच्चों से डायरी के एवज में नियम के विरूद्ध 125 रुपए प्रति छात्र की मांग की गई। इसकी शिकायत अभिभावक संघ के अध्यक्ष डा. उमेश ने आयोग को 26 नवंबर 2019 को की। आयोग ने उपायुक्त को जांच का निर्देश दिया। जांच में शिथिलता बरतने के आरोप में तत्‍कालीन उपायुक्त को जनवरी 2020 में शोकॉज हुआ। इसके बाद जांच में तेजी आई तथा डायरी के मद में ली गई राशि वापस की गई। 

बस परिचालन को लेकर की गई थी शिकायत 

जमशेदपुर अभिभावक संघ की ओर से 16 जुलाई 2020 को निजी स्कूलों में स्कूली बसों का परिचालन प्रारंभ करवाने को लेकर शिकायतवाद आयोग के पास दर्ज करवाई गई। इस मामले में ठोस कार्रवाई न होने से नाराज उपायुक्त को आयोग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया। यह मामला अभी तक हल नहीं हुआ है। स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसा ही मामला डीएवी बिष्टुपुर के साथ जुड़ा है। अप्रैल माह में संघ की ओर से आरक्षित वर्ग में छात्र का नामांकन न लेने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस मामले में भी उपायुक्त को शोकॉज जारी हुआ है। जांच के बाद प्रतिवेदन आयोग व आयुक्त को भेज दिया गया है। इसमें स्कूल की गलती सामने आई है। दरअसल स्कूल सरकारी आय प्रमाण पत्र को नहीं मान रहा है।

छात्र से मारपीट के मामले में भी लिया संज्ञान

बेल्डीह चर्च स्कूल में छात्र रेयान ओझा के साथ स्कूल परिसर में मारपीट मामले को शिक्षा विभाग ने पूरी तरह दबा दिया था, लेकिन आयोग के पास शिक्षा सत्याग्रह के संस्थापक अंकित आनंद की शिकायत पास शिकायत दर्ज कराई। फिर से मामले की जांच प्रारंभ हुई। अब इस मामले में स्कूल की गलती सामने आई तथा स्कूल का यह कहना कि स्कूल में मारपीट नहीं हुई है, इसकी भी पोल खुल गई है।

 

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021