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टाटा संस बोर्ड ने एन. चंद्रशेखरन को पांच साल का नया कार्यकाल मंजूर किया, आईपीओ प्रक्रिया भी शुरू; जमशेदपुर में खुशियां

Published: Thu, 17 Sep 2026 03:36 PM (IST)

टाटा संस बोर्ड ने एन. चंद्रशेखरन को अगले पांच साल के लिए एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में फिर से नियुक्त ...और पढ़ें

टाटा संस में एन चंद्रशेखरन को मिला नया कार्यकाल, कंपनी आईपीओ लाने की तैयारी में।

टाटा संस में एन चंद्रशेखरन को मिला नया कार्यकाल, कंपनी आईपीओ लाने की तैयारी में।

HighLights

  1. एन. चंद्रशेखरन को टाटा संस के चेयरमैन पद पर पुनः नियुक्ति।

  2. कंपनी ने आरबीआई के निर्देश पर आईपीओ लाने का निर्णय लिया।

  3. जमशेदपुर में खुशी, चंद्रशेखरन का शहर से गहरा संबंध।

डिजिटल डेस्क, जमशेदपुर। टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के बोर्ड ने गुरुवार (17 सितंबर 2026) को एन. चंद्रशेखरन को एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में अगले पांच साल का नया कार्यकाल मंजूर कर दिया है। साथ ही कंपनी को लिस्ट (आईपीओ) कराने की प्रक्रिया भी शुरू करने का फैसला लिया गया। भगवान विश्वकर्मा पूजा पर आई इस खबर से जमशेदपुर में भी खुशी की लहर है।

अगस्त 2026 में चंद्रशेखरन ने घोषणा की थी कि फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद वे दोबारा पद के लिए नहीं लड़ेंगे। लेकिन बोर्ड ने अब उन्हें फिर से पांच साल के लिए कमान सौंप दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इस प्रस्ताव का विरोध किया, लेकिन बोर्ड के अन्य सदस्यों ने बहुमत से इसे पास कर दिया। बैठक करीब तीन घंटे चली।

यह फैसला आरबीआई के निर्देश के बाद आया है। आरबीआई ने टाटा संस को अपर लेयर एनबीएफसी के रूप में वर्गीकृत किया था और लिस्टिंग का आदेश दिया था। कंपनी ने निजी रहने की कोशिश की थी, लेकिन आरबीआई ने इसे खारिज कर दिया। चंद्रशेखरन के नेतृत्व में आईपीओ की तैयारी आसान मानी जा रही है।

चंद्रशेखरन 2017 से टाटा संस के चेयरमैन हैं। 2022 में उन्हें दूसरा पांच साल का कार्यकाल मिला था, जो फरवरी 2027 में खत्म होना था। 2025 में टाटा ट्रस्ट्स ने तीसरे कार्यकाल की सिफारिश की थी, लेकिन फरवरी 2026 की बोर्ड बैठक में एक सदस्य (नोएल टाटा) के विरोध के कारण फैसला अटका रहा।

जमशेदपुर में खुशी की लहर

जमशेदपुर के व्यवसायियों और टाटा वर्कर्स यूनियन के सदस्यों ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल बढ़ाए जाने पर खुशी जता रहे हैं। CAIT के राष्ट्रीय सचिव सुरेश संथोलिया कहते हैं, विश्वकर्मा पूजा की दिन आई यह खबर टाटा समूह के लिए अच्छा है। विवाद खत्म होना टाटा ग्रुप के लिए जरूरी है। चंद्रशेखरन का रिश्ता जमशेदपुर शहर से पारिवारिक है। 

एन. चंद्रशेखरन का जमशेदपुर से गहरा व्यक्तिगत और पेशेवर नाता है। उनकी पत्नी ललिता चंद्रशेखरन जमशेदपुर की बेटी हैं। वे सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल से 1980 में दसवीं पास कीं। उनके पिता और दादा टाटा स्टील में अधिकारी रहे थे। इसी वजह से चंद्रशेखरन को शहर में “दामाद” कहा जाता है।

टाटा स्टील से जुड़े व्यवसायी भरत वसानी कहते हैं, चंद्रशेखरन नियमित रूप से फाउंडर्स डे पर जमशेदपुर आते हैं और टाटा स्टील के कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। टीसीएस को उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बनाया है। टाटा समूह को आगे लेकर जा रहे हैं।

मार्च 2026 में उन्होंने झारखंड में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के लिए 11,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी और टाटा वर्कर्स यूनियन से मुलाकात भी की। शहर के विकास और कौशल विकास में टाटा समूह की भागीदारी को वे हमेशा प्राथमिकता देते रहे हैं।

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