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Kasturba Vidyalaya में छात्रा की मौत के बाद ग्रामीणों का हंगामा: वार्डन के निलंबन पर अड़े लोग, DEO ने दिए जांच के आदेश

Published: Tue, 06 Oct 2026 10:25 PM (GMT+05:30)

मुसाबनी के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की छात्रा कुमकुम गोप की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों और ...और पढ़ें

कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की छात्रा की मंगलवार को एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई।

कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की छात्रा की मंगलवार को एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई।

HighLights

  1. छात्रा कुमकुम गोप की इलाज के दौरान एमजीएम अस्पताल में मौत।

  2. परिजनों और ग्रामीणों ने विद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया।

  3. वार्डन के निलंबन की मांग पर डीईओ ने जांच के आदेश दिए।

संसू, मुसाबनी। मुसाबनी प्रखंड के सूरदा क्रॉसिंग स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की कक्षा छह की 12 वर्षीय छात्रा कुमकुम गोप की मंगलवार को जमशेदपुर के एमजीएम (MGM) अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। 
 
छात्रा की मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजनों ने शव को एम्बुलेंस से सीधे विद्यालय परिसर लाकर मुख्य गेट पर रख दिया और वार्डन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए घंटों विरोध-प्रदर्शन किया।
 

तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को दी गई थी सूचना 

मृतक छात्रा के पिता धीरेन गोप और माता मोनिका गोप ने बताया कि इसी शैक्षणिक सत्र में कुमकुम का कक्षा छह में दाखिला हुआ था और वह छात्रावास में ही रहकर पढ़ाई कर रही थी। 
 
परिजनों का आरोप है कि बीते कई दिनों से उसकी तबीयत खराब थी, लेकिन विद्यालय प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 30 सितंबर को स्थिति बिगड़ने पर परिजनों को फोन कर बुलाया गया। 
 
परिजन जब पहुंचे तो बच्ची की हालत इतनी नाजुक थी कि वह ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही थी। मुसाबनी में प्राथमिक उपचार के बाद उसे घाटशिला के स्वर्णरेखा नर्सिंग होम ले जाया गया। 
 
हालत में सुधार न होने पर उसे जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया, जहां मंगलवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार छात्रा का क्रिएटिनिन लेवल काफी बढ़ गया था।
 

वार्डन पर लापरवाही और अनदेखी के आरोप 

प्रदर्शन के दौरान प्रखंड प्रमुख सह आजसू नेता रामदेव हेम्ब्रम और झामुमो नेता सौरव चक्रवर्ती के नेतृत्व में ग्रामीणों ने विद्यालय प्रबंधन और वार्डन संगीता पांडेय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 
 
परिजनों का आरोप है कि बच्ची की तबीयत खराब होने के बावजूद समय पर इलाज नहीं कराया गया और न ही परिजनों को समय पर जानकारी दी गई। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी भारी रोष था कि मौत के बाद भी वार्डन कार्यालय से बाहर आकर शव को देखने तक नहीं आईं।
 

जांच के बाद दोषी पर होगी कड़ी कार्रवाई: डीईओ 

घटना की सूचना मिलने पर पूर्वी सिंहभूम की जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) निशु कुमारी ने आंदोलनकारियों से फोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया। 
 
जनप्रतिनिधियों ने वार्डन को तत्काल निलंबित करने और विद्यालय से हटाने की मांग रखी। इसके बाद वार्डन को जिला शिक्षा कार्यालय से बुलावा आने पर वे विद्यालय से रवाना हुईं।
 

जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों से शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले से उपायुक्त (DC) को अवगत करा दिया गया है। वार्डन संगीता पांडेय से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। मृत बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट व डॉक्टर से भी जानकारी ली जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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निशु कुमारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर)