संवाद सहयोगी, धालभूमगढ़ : आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिला के कोटापटनम स्थित फूड पार्क कंपनी में कोल्हान प्रमंडल के दो सौ से अधिक महिला पुरुष व नाबालिग मजदूर गुरुवार की सुबह धालभूमगढ़ स्टेशन पहुंचे। स्टेशन पर झामुमो झामुमो की महिला मोर्चा की अध्यक्ष वनवासी सोरेन एवं प्रखंड सचिव बैद्यनाथ सोरेन ने मजदूरों से मिलकर हाल चाल लिया और वन विश्रामागार लेकर पहुंचे। सूचना मिलने के बाद झामुमो के प्रखंड कमेटी के नेता के साथ थाना प्रभारी अवनिश कुमार, बीडीओ सविता टोपनो, युवा शक्ति संगठन के अध्यक्ष हेमंत मुंडा, पार्षद आरती सामद, मुखिया विलासी सिंह के साथ कई स्थानीय समाजसेवी एवं जन प्रतिनिधि पहुंचे। थाना प्रभारी ने पानी की व्यवस्था कराई। महिला मोर्चा की अध्यक्ष वनवासी सोरेन एवं झामुमो नेताओं ने मजदूरों को नास्ता की व्यवस्था कराया। युवा शक्ति संगठन की ओर से अध्यक्ष हेमंत मुंडा ने फल पानी एवं खान पानी की व्यवस्था कराया। बीडीओ ने श्रमिक मित्रों व कर्मचारी को निर्देश दिया कि सभी मजदूरों का प्रखंड स्तरीय सूची तैयार करें। बीडीओ ने कहा कि दोपहर में भोजन कराने के बाद उनके घर बस के माध्यम से भेजा जाएगा। इस मामले की जानकारी बैद्यनाथ सोरेन ने मंत्री चंपई सोरेन व विधायक रामदास सोरेन को भी दी। मंत्री चंपई सोरेन बीडीओ को मोबाइल पर आदेश दिया कि सभी मजदूरों की सूची बनाकर श्रम विभाग को सौंपे। साथ ही मजदूरों को कोई परेशानी न हो इसका ध्यान दें। सभी को घर तक पहुंचाने की व्यवस्था करें। मंत्री ने कहा कि यह गंभीर मामला है जो भी व्यक्ति मजदूरों को लेकर गया था बिना कागजता के उन पर कार्रवाई निश्चित रूप से होगी। क्या था मामला : आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले कोटापटनम स्थित फूड पार्क कंपनी में काम करने गई धालभूमगढ़ की एक नाबालिग को कंपनी के सुपरवाइजर वेणु ने अपनी हवस का शिकार बनाया था। उसके बाद अन्य मजदूरों ने विरोध जताया तो करीब 3 सौ से अधिक मजदूरों को काम से निकाल दिया गया। इसके बाद सभी मजदूर जान जोखिम में डाल कर वापस अपने घर लौट गए। घटना रविवार की बताई जा रही है। धालभूमगढ़ वन विश्रामागार पहुंचे मजदूर : कोल्हान प्रमंडल के चाकुलिया, बहरागोड़ा, धालभूमगढ़, सरायकेला, चाईबासा से आए कई महिला पुरुष व नाबालिग मजदूरों ने बताया कि कोटापटम कंपनी से लगभग 50 किमी दूरी पैदल चलकर नेल्लोर स्टेशन पहुंचे। वहां से स्थानीय एसपी एवं अन्य पदाधिकारी व पार्टी के लोगों ने मदद कर एक्सप्रेस ट्रेन से खड़गपुर तक भेजा। खड़गपुर से झामुमो महिला मोर्चा की अध्यक्ष्ज्ञ वनमाली सोरेन ने संपर्क कर धालभूमगढ़ तक आने को कहा। मजदूरों ने कहा नेल्लोर से धालभूमगढ़ तक कोई मदद नही मिला। वे अपने स्तर से यहां तक पहुंचे। कंपनी में महिला के लिए अलग एवं पुरुष के लिए अलग वार्ड था। घटना के बाद घाटशिला के विधायक से गुहार लगाई गई थी। पीड़िता समेत दो मजदूर कंपनी के अंदर हैं बंधक : पीड़िता समेत गणेश मुर्मू, रासो टुडू अभी भी कंपनी के अंदर बंधक है। पीड़िता को डरा धमका कर बयान बदलने का दबाव बनाया जा रहा है। मजदूरों के अनुसार, सभी मजदूरों को डुमरिया निवासी गीता रानी टुडू द्वारा मजदूरी के लिए ले जाया गया था। मजदूरों को ले जाने में बसंत, संजीव, बैरागी, मोहन नाम के व्यक्ति आए थे। बस में भर कर 60-70 मजदूरों को ले जाते थे। इन मजदूरों में कोई पांच माह पूर्व तो कोई 9 माह पूर्व गया था। महिला मजदूरों को 7 से 9 हजार रुपये प्रतिमाह मिलता था, जबकि पुरुष मजदूरों को 10 हजार रुपये। विगत 2 माह का मजदूरी बकाया है। प्रशासन से की मांग, सलामत घर आ जाए बेटी : पीड़िता के पिता एवं मां ने बताया कि जब बेटी घर से काम करने बिना बताए चली गई थी। उसे कौन ले गया कहां गई है इसकी जानकारी नही थी। मेरी बेटी सही सलामत घर आ जाए यही प्रशासन से मांग करते है। वन विश्रामागार पहुंचे सभी मजदूरों की हुई कोरोना जांच : वन विश्रामागार पहुंचे सभी मजदूरों का बीडीओ के निर्देश पर कोरोना जांच किया गया। समाचार लिखे जाने सभी मजदूर निगेटिव पाए गए हैं। मजदूरों में अधिकांश नाबालिग, गंभीर है मामला : विधायक रामदास सोरेन उप विकास आयुक्त परमेश्वर भकत वन विश्रामागार पहुंचे एवं मजदूरों से पूरे मामले की जानकारी ली। बीडीओ सविता टोपनो, अंचलाधिकारी सदानंद महतो, देवयानी मुर्मू, उप प्रमुख सपन महतो ने मजदूरों से बारी बारी से जानकारी ली। विधायक ने कहा कि यहां उपस्थित मजदूरों में ज्यादा महिला नाबालिग है यह गंभीर मामला है। आने वाले दिन के लिए सभी को सचेत रहने की जरूरत है। जो भी मजदूर गए है उनमें से ज्यादा नाबालिग है। अशिक्षा के कारण लोगों को बहला फूसला कर एजेंट द्वारा काम पर ले गाया यह अपराध से कम नही है। विधायक ने कहा कि इस मामले की जानकारी तीन पूर्व डीआइजी एवं एसपी को दे दिए थे। हांलाकि मजदूरों से संपर्क में थे। मजदूरों द्वारा वहां के स्थानीय थाना में मामला दर्ज नहीं कराया था इसके कारण कानूनी कार्रवाई करने में परेशानी हो रही है। डुमरिया की महिला द्वारा मजदूरों को ले जाने की बात सामने आई है। श्रम विभाग की ओर से भी कार्रवाई की जाएगी। सरकार पलायन रोकने के लिए कई सारी योजनाओं का चयन कर काम कर रही है। फिर भी इस क्षेत्र के कुछ दलाल किस्म के लोग भोले भाले लोगों को प्रलोभन देकर दूसरे राज्य में भेज रहे हैं, जो गलत है। धालभूमगढ़ पहुंचे मजदूरों का आंकड़ा

धालभूमगढ़ : 4

घाटशिला : 16

मुसाबनी : 14

डुमरिया : 52

सरायकेला-खरसावां : 17

पोटका : 29

बहरागोड़ा : 08

मयूरभंज (ओडिशा) : 12

चाकुलिया : 08

जमशेदपुर : 09

नोवामुंडी, चाईबासा व हाट गम्हरिया : 22।

Edited By: Jagran