जमशेदपुर, जासं। रेलवे को अधिकार देने के अपने प्रयासों को जारी रखते हुए रेलवे बोर्ड ने भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम (IRSDC) को बंद करने का आदेश जारी किया है। IRSDC को देश भर में स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए स्थापित किया गया था। सात सितंबर 2021 को इंडियन रेलवे ऑर्गनाइजेशन फॉर अल्टरनेटिव फ्यूल (IROAF) के बंद होने के बाद बंद होने वाला रेल मंत्रालय के तहत यह दूसरा संगठन है।

यह कदम वित्त मंत्रालय की सिफारिश को स्वीकार करने का एक कदम है, जिसने एक रिपोर्ट में सरकारी निकायों को बंद करके या विभिन्न मंत्रालयों के तहत कई संगठनों को विलय करके युक्तिसंगत बनाने की सिफारिश की है। इन्हीं सिफारिशों के तहत कई और निगमों को बंद करने की योजना रेलवे बोर्ड के पास है। धीरे-धीरे सभी पर कार्य हो रहा है। समय आने पर आगे और भी स्थिति साफ होगी।

संबंधित जोनल रेलवे देखेगा स्टेशन विकास निगम का काम

रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि IRSDC द्वारा प्रबंधित स्टेशनों को अब संबंधित जोनल रेलवे को सौंप दिया जाएगा और निगम आगे के विकास के लिए परियोजना से संबंधित सभी दस्तावेज उन्हें सौंप देगा। IRSDC जिसे मार्च 2012 में स्थापित किया गया था, मुंबई में छत्रपति शिवाजी टर्मिनस के पुनर्विकास के लिए बोली प्रक्रिया में शामिल था।

IRSDC ने हाल ही में चंडीगढ़ और केएसआर बेंगलुरु रेलवे स्टेशनों पर "रेल आर्केड" की स्थापना के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं। इसने पूरे दक्षिण भारत में 90 रेलवे स्टेशनों के सुविधा प्रबंधन की योजना की भी घोषणा की थी। प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के विलय की भी सिफारिश की गई है, जो रेलवे के बुनियादी ढांचे के निर्माण और संवर्द्धन से संबंधित परियोजनाओं को लागू करता है। यह विलय इंडियन रेलवे कंस्ट्रक्शन लिमिटेड (इरकॉन) के साथ होना है।

Edited By: Jitendra Singh