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मानगो नगर निगम की बेरुखी पर फूटा गुस्सा, विधायक ने दफ्तर के बाहर डंप कराया मुर्दा मैदान का कचरा

Published: Sun, 11 Oct 2026 08:12 PM (GMT+05:30)

मानगो नगर निगम की लापरवाही से नाराज विधायक सरयू राय ने दो साल से उपेक्षित मुर्दा मैदान का कचरा निगम कार्यालय के सामने डंप कर विरोध जताया।

मानगो नगर निगम कार्यालय के सामने जेसीबी के द्वारा मुर्दा मैदान का कचरा डंप कराया गया।

मानगो नगर निगम कार्यालय के सामने जेसीबी के द्वारा मुर्दा मैदान का कचरा डंप कराया गया।

HighLights

  1. विधायक सरयू राय ने मानगो निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

  2. दो साल से उपेक्षित मुर्दा मैदान का कचरा निगम कार्यालय पर फेंका।

  3. अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल उठाए, कार्रवाई की मांग की।

जासं, जमशेदपुर। जब जनसेवा का दंभ भरने वाला प्रशासनिक तंत्र कुंभकर्णी नींद में सो जाए, तब व्यवस्था को जगाने के तरीके भी तीखे हो जाते हैं। मानगो नगर निगम की प्रशासनिक बेरुखी को रविवार को कुछ ऐसा ही कड़वा आईना दिखाया गया। 
 
पिछले दो वर्षों से उपेक्षित मुर्दा मैदान की बदबू से परेशान लोगों को राहत न मिलने पर विधायक सरयू राय ने सख्त रुख अपनाया। 
 
निगम को दी गई सात दिनों की मियाद बीतने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो विधायक खुद जेसीबी, हाईवा और ट्रैक्टरों का काफिला लेकर मौके पर पहुंचे। 
 
उन्होंने मैदान से कचरा उठवाया और सीधे मानगो नगर निगम कार्यालय के सामने खाली पड़ी जमीन पर उड़ेल दिया।
 

बहानेबाजी और चुप्पी का दिया करारा जवाब 

निगम प्रशासन जमीन के मालिकाना हक और पेंच फंसाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा था। इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए विधायक ने स्थानीय आदिवासी समाज से बातचीत कर सहमति बनाई। 
 
इसके बाद भी जब निगम ने सफाई नहीं कराई, तो विधायक और वार्ड पार्षदों ने अधिकारियों से डंपिंग यार्ड का पता मांगा। अफसरों की चुप्पी के बाद विधायक ने तंज कसते हुए कहा कि कचरा अपने घर तो ले नहीं जा सकते थे, इसलिए इसे सीधे निगम मुख्यालय के सामने छोड़ दिया गया है।
 

इमरजेंसी सेवा पर रविवार का ताला 

रविवार को कार्यालय बंद मिलने पर तीखा हमला बोलते हुए विधायक ने कहा कि नगर निगम एक आपातकालीन सेवा है, जो दिन या छुट्टी देखकर बंद नहीं हो सकती। 
 
अधिकारियों की कार्यशैली को संवेदनहीन बताते हुए उन्होंने कहा कि महीनों से बोर्ड बैठकें ठप हैं और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने उपायुक्त से लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ शासन को कड़ी रिपोर्ट भेजने की मांग की है।