जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : स्वास्थ्य सचिव डॉ. नितिन मदन कुलकर्णी शनिवार को कड़े तेवर में दिखे। यहां तक की मीडिया से भी बात नहीं की। सुबह 10 बजे वे महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। अस्पताल में बिजली-पानी की ध्वस्त व्यवस्था को सुधारने के लिए इसकी देखरेख की जिम्मेदारी जुस्को को सौंपने की बात कही।

अस्पताल में पानी व बिजली की सप्लाई जुस्को ही करती है, लेकिन देखरेख अस्पताल प्रबंधन करता है। एमजीएम में पानी की समस्या बीते कई वर्षो से चल रही है। मेडिकल वार्ड, महिला एवं प्रसूति विभाग, ईएनटी, नेत्र रोग विभाग में अधिकांश समय पानी नहीं पहुंच पाता है। वहीं बिजली भी बार-बार कट जाती है। अस्पताल का जेनरेटर भी काम नहीं करता है। 50 मिनट तक बर्न यूनिट, ब्लड बैंक, शिशु रोग विभाग, महिला एवं प्रसूति रोग विभाग, पीजी भवन, बीएससी नर्सिग स्कूल का निरीक्षण किए। इसके बाद 1.15 बजे तक एमजीएम प्रिंसिपल डॉ. एसी अखौरी, अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार, उपाधीक्षक डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी, सभी विभागाध्यक्ष, भवन निर्माण विभाग व पीएचडी विभाग के इंजीनियरों के साथ निर्माण कार्यो को पर मंथन किया। इस दौरान बारी-बारी से उन्होंने सभी विभागों की समस्याओं को जाना। महिला एवं प्रसूति विभाग की बारी आई तो उन्होंने ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में तैनात हराधन महतो व मैचु बानरा को बुलाया और दोनों को तत्काल प्रभाव से विभाग बदलने के निर्देश दिए। इनपर आरोप है कि लड़के के जन्म पर एक हजार व लड़की की जन्म पर 500 रुपये लेते हैं।

बैठक में डॉ. आरवाई चौधरी, डॉ. अंजली श्रीवास्तव, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. दिवाकर हांसदा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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पांच वर्ष से जमे सभी कर्मचारियों का बदलेगा विभाग

एमजीएम अस्पताल में पांच वर्षो से एक ही विभाग में जमे हुए सभी कर्मचारियों का दूसरे विभाग में तबादला होगा। वहीं उदय शंकर झा, प्रभात गुप्ता, अरविंद सिन्हा व दिलीप पुष्टि का मामला सचिव खुद देखेंगे। इन लोगों का आपस में ही विवाद चल रहा है। कई बार एक दूसरे की शिकायत सचिव को मिली है। सचिव ने कहा कि हर चार माह पर चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों का तबादला दूसरे विभाग में होना चाहिए। इससे भ्रष्टाचार फैलने की संभावना कम हो जाएगी।

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बरसात में जलजमाव होने पर नपेंगे पेयजल-स्वच्छता विभाग के इंजीनियर

पानी से निजात दिलाने के लिए एमजीएम अस्पताल में दो अंडरग्राउंड टैंक का निर्माण किया जा रहा है। बरसात से पूर्व इस कार्य को पूरा करना था लेकिन अबतक नहीं हो सका है। इसे लेकर सचिव ने पेयजल-स्वच्छता विभाग के पदाधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि बरसात में अगर जलजमाव हुआ तो आगे समझ लें। अस्पताल में दो अंडरग्राउंड टैंक का निर्माण किया जा रहा है।

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कारपेट एरिया के हिसाब से होगी सफाई कर्मचारियों की बहाली

सचिव ने कारपेट एरिया के हिसाब से सफाई कर्मचारियों की बहाली करने को कहा है। इसके लिए संबंधित विभाग को उन्होंने तीन दिनों के अंदर जगह माप कर देने को कहा है। वहीं बाकी कर्मचारियों के लिए सचिव ने कहा कि दो दिनों के अंदर गाइड लाइन भेजा जाएगा। उसके अनुसार टेंडर निकालकर कर्मचारियों की बहाली आउटसोर्स पर की जाएगी।

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एंटीबायोटिक पालिसी बनाकर करें मरीजों का इलाज

सचिव ने एंटीबायोटिक पालिसी बनाकर इलाज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि देखा जाता है कि डॉक्टर सीधे हाई पावर के एंटीबायोटिक दवा लिख देते हैं, जो मरीजों को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे एंटीबायोटिक का डोज बढ़ाना चाहिए। वहीं सर्जरी विभाग में मेजर ऑपरेशन का ग्राफ कम पाया गया। इसे लेकर सचिव विभागाध्यक्ष पर भड़क गए और कहा कि बेहतर प्रदर्शन नहीं करेंगे तो दूसरे जगह भेज दिए जाएंगे।

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ब्लड बैंक की टूटी छत देखकर कहा-जल्दी ठीक करो

ब्लड बैंक की छत टूटी हुई थी। इसे देखकर उन्होंने संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को जल्द से जल्द ठीक करने को कहा। वहीं बगल में कंडम घोषित एएनएम स्कूल को तोड़कर वहां नया ब्लड बैंक बनाए जाने की तैयारी है। ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट मशीन धूल फांक रही है। इस मशीन को संचालित करने के लिए लाइसेंस नहीं मिल सका है।

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Posted By: Jagran

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