जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : कोलकाता में जूनियर डॉक्टरों पर हुए हमला के विरोध में शुक्रवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के बैनर तले शहर के चिकित्सकों ने काला बिल्ला लगाकर काम किया। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल का ओपीडी 11.30 से 12 बजे तक सांकेतिक रूप से बंद रहा। इसके साथ ही मेडिका अस्पताल के भी ओपीडी कुछ देर के लिए बंद रहा। इससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई। वहीं टीएमएच, ब्रह्मानंद, मर्सी सहित अन्य अस्पतालों में भी चिकित्सकों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराया।

आइएमए के सचिव डॉ. मृत्युंजय सिंह ने बताया कि डॉक्टरों के साथ इस तरह के बर्ताव होगा तो कोई भी डॉक्टर इलाज नहीं कर पाएगा। पश्चिम बंगाल की सरकार भी कार्रवाई न करके आरोपितों की मदद कर रहीं है। इससे उनका मनोबल और भी बढ़ेगा। कोलकाता स्थित एनआरएसएनसीएच मेडिकल कॉलेज व बीएमसी मेडिकल कॉलेज में दो जूनियर डॉक्टरों पर जानलेवा हमला किया गया है। बीएमसी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में वहां के लोगों द्वारा बिजली, पानी का भी कनेक्शन काटा जा रहा है। एनआरएसएनसीएच मेडिकल कॉलेज में 85 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके साथ मारपीट की थी।

प्रदर्शन में आइएमए के अध्यक्ष डॉ. उमेश खां, डॉ. विभूति भूषण, डॉ. केके अय्यर, डॉ. सौरव चौधरी, डॉ. संतोष गुप्ता, डॉ. अरूण कुमार, डॉ. अमित कुमार सहित जूनियर डॉक्टर भी शामिल थे।

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डेंटल कॉलेज के डॉक्टरों ने भी किया विरोध

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : कोलकाता में जूनियर डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट के विरोध में अवध डेंटल कॉलेज के डॉक्टरों ने भी विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर के बाद ओपीडी बंद कर दिया गया। इससे मरीजों का इलाज नहीं हो सका। इस अवसर पर डॉ. प्रीतम, डॉ. अश्मिताघोष, डॉ. वैशाली सहित अन्य डॉक्टर उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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