जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार की दोपहर करीब दो बजे बिजली गुल हो गई। इससे इमरजेंसी विभाग सहित अन्य वार्डो में अफरातफरी मच गई। बढ़ती गर्मी को देखते हुए मरीजों ने हाथ पंखा का इस्तेमाल कर रहे थे। वहीं डॉक्टरों ने टार्च जलाकर दवा लिखने के साथ-साथ मरीजों को देख रहे थे। बाद में पता चला कि जुस्को द्वारा मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। हालांकि, करीब 20 मिनट के बाद एमजीएम प्रबंधन ने दूसरे विभागों से बिजली का तार खींच कर बहाल कर दिया। तब जाकर मरीजों ने राहत की सांस ली।

एमजीएम की सुधार के लिए बुद्धिजीवी मंच करेगा पहल : महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल की दुर्दशा को लेकर शनिवार को बुद्धिजीवी मंच गंभीर दिखा। इसे लेकर साकची स्थित गांधी घाट पर एक बैठक बुलाई गई। इसमें एमजीएम अस्पताल की सुधार के लिए 11 सदस्यीय टीम गठित करने का निर्णय लिया गया। यह टीम उपायुक्त से अनुमति लेकर गठित की जाएगी। ताकि उसके रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई हो सकें। शिव पूजन सिंह ने बताया कि गरीब व मध्य वर्ग के लिए एमजीएम अस्पताल ही सहारा है। ऐसे में अगर स्थिति नहीं सुधरी तो गरीबों की मौत इलाज के अभाव में होगी। उन्होंने कहा कि सरकार हर साल करीब 50 करोड़ रुपये इस अस्पताल पर खर्च करती है तो वह पैसा कहां जाता है। बैठक में शिव पूजन सिंह, जवाहर लाल शर्मा, अरूण सज्जन, राजदेव सिन्हा, हरि किशन चावला, रेयाज खान, शेषनाथ शरद, गौतम दूबे, केआर कमलेश, सुशील सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।

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