जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। सरकारी एंबुलेंस चालक ने निजी एंबुलेंस चालक को थप्पड़ जड़ दिया। इतना ही नहीं, उसे बंधक भी बना दिया। मामला बढ़ते देख इसकी सूचना साकची पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला को शांत कराया और निजी एंबुलेंस चालक को बंधकमुक्त कराया।

बीते मंगलवार को बहरागोड़ा के जयपुरा निवासी महादेव मुखी की पत्नी मीनाक्षी मुखी की मौत एमजीएम अस्पताल में हो गई थी। इसके बाद निजी एंबुलेंस चालक अजय कुमार ने एमजीएम कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम से शव को घर ले जाने के लिए 1100 रुपये की मांग की। यह खबर सांसद तक पहुंची तो उन्होंने एमजीएम प्रबंधन को फटकार लगायी और पूछा कि इतनी राशि गरीब मरीजों से क्यों वसूली जा रहा है? इसके बाद एमजीएम प्रबंधन ने इसकी पूछताछ के लिए आरोपी चालक अजय कुमार को पकड़ा तो उन्होंने बताया कि वह अस्पताल के स्थायी एंबुलेंस चालक गौरी माहाली के बुलाने से आए हैं। इस पर प्रबंधन ने गौरी महाली को शो-कॉज किया है और 24 घंटे के अंदर जवाब तलब किया है। बुधवार को वहीं आरोपी चालक अजय कुमार एक मरीज का शव लेने के लिए एमजीएम अस्पताल पहुंचा था। उसे देख गौरी महाली ने पकड़ लिया और एंबुलेंस ड्यूटी रूम में उसे बंद कर दिया। साथ ही थप्पड़ भी जड़ दिया।

गौरी महाली ने बताया कि वह बीते दो दिनों से छुंट्टी पर है। मंगलवार को वह ड्यूटी पर था ही नहीं। इसके बावजूद आरोपी चालक अजय कह रहा है कि उसके बुलाने से ही वह एमजीएम अस्पताल आए था, यह सारासर गलत है। वहीं अजय कुमार ने बताया कि अस्पताल में शव ले जाने के लिए कोई एंबुलेंस नहीं है। ऐसे में कोई शव ले जाने के लिए बुलाता है तो हम आते हैं लेकिन मंगलवार को गौरी महाली ने ही बुलाया था। घटना के बाद दिनभर एंबुलेंस यूनिट रूम में ताला लटका रहा। जिसकी ड्यूटी दो बजे से थी वह बाहर में ही खड़ा रहा।

------------

बिना लाइसेंस का चल रहा एंबुलेंस

गौरी महाली ने बताया कि जिस एंबुलेंस का चालक अजय है उसका मालिक मृत्युंजय सिंह है। वह बारीडीह का रहने वाला है। इस एंबुलेंस का लाइसेंस भी नहीं है। निजी एंबुलेंस चालक मरीजों की जान से खिलवाड़ करने के साथ-साथ उन्हें चूना भी लगा रहें है। मनमानी राशी वसूली जा रहीं है। सरकारी व निजी एंबुलेंस के किराये में जमीन-असमान की अंतर है। इस पर कभी विभाग का ध्यान नहीं गया।

------------

मरीजों को इस तरह एंबुलेंस चालक लगा रहे चूना

सरकार ने मरीज को एमजीएम से टीएमएच ले जाने की राशि 70 रुपये निर्धारित किया है। इसी तरह बारीडीह स्थित मर्सी अस्पताल का भी 70 रुपये लगता है। पर, इतनी ही दूरी पर ले जाने के लिए निजी एंबुलेंस चालक 500 से 800 रुपये ऐंठ रहें है। अगर रांची रिम्स ले जाते हैं तो आठ हजार लेते है। जबकि सरकारी राशी 2100 रुपये निर्धारित है। यानी चार गुना अधिक राशि वसूल रहें है। एमजीएम में कुछ निजी एंबुलेंस चालक दलाली करते है। मौका मिलते ही वह मरीजों को चूना लगा देते हैं। एमजीएम में छह एंबुलेंस हैं। इसका लाभ लेने के लिए मरीजों को पर किलोमीटर के हिसाब से राशि देनी होती है। एक किलोमीटर पर सात रुपये निर्धारित किया गया है। यानी टीएमएच जाने के लिए 70 रुपये और टेल्को हॉस्पिटल जाने के लिए 140 रुपये खर्च करने होंगे।

------------

एमजीएम एंबुलेंस की दर

स्थान दर (रुपये)

एमजीएम से रांची रिम्स 2100

एमजीएम से टीएमएच 70

एमजीएम से टेल्को 140

एमजीएम से मर्सी 70

एमजीएम से टिनप्लेट 70

एमजीएम से ईएसआइ 154

एमजीएम से मेडिका 98

--------------------

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस