MGM Hospital की लापरवाही: कागजों से बाहर नहीं निकला जन औषधि केंद्र, 14 साल में सरकारें और अफसर बदले
जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जन औषधि केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना पिछले 14 सालों से सरकारी फाइलों और टेंडर प्रक्रिया में फंसी हुई है।

साकची स्थित पुराने एमजीएम अस्पताल परिसर में जन औषधि केंद्र के संचालन के लिए अलग से सेंटर तैयार करने में सरकारी खजाने से लाखों रुपये बहाए गए थे।
HighLights
एमजीएम अस्पताल में सस्ती दवाओं का इंतजार जारी।
टेंडर प्रक्रिया में फंसा गरीबों को दवा का लाभ।
लाखों रुपये खर्च कर बना भवन, फिर भी नहीं बिकी दवाएं
वीआईपी दौरों और निर्देशों की लगी लंबी फेहरिस्त
बीते 14 वर्षों में जन औषधि केंद्र को शुरू कराने के लिए कई बार प्रशासनिक हलचल हुई। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, स्थानीय सांसद विद्युत वरण महतो, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी और पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता समेत स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान केंद्र को जल्द शुरू करने के कड़े निर्देश जारी किए।
नया अस्पताल बना, लेकिन टेंडर के फेर में उलझी व्यवस्था
जन औषधि केंद्र के लिए टेंडर निकाला गया है। उम्मीद है कि जल्द ही केंद्र खुलेगा और मरीजों को सस्ती दरों पर दवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
डाॅ. बलराम झा, अधीक्षक, एमजीएम
