जमशेदपुर, जासं। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया था। इसमें सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नेतृत्व में जमशेदपुर के 34 गुरुद्वारों के प्रतिनिधि शामिल हुए। हर गुरुद्वारा से एक-एक चार पहिया वाहन से पांच-पांच प्रतिनिधि शामिल हुए।

महापंचायत में सेंट्रल गुरुद्वारा के नेतृत्व में 40 गाड़ियों का काफिला रवाना हुआ जिसमें 200 सिख प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी प्रतिनिधि सुबह सेंट्रल गुरुद्वारा के साकची स्थित कार्यालय पर एकत्र हुए। यहां सभी सदस्यों के लिए सेंट्रल गुरुद्वारा की ओर से नाश्ते की व्यवस्था थी। यहां से सभी प्रतिनिधि खड़गपुर के नीमपुरा गुरुद्वारा पहुंचे जहां सभी के लिए दोपहर के लंगर की व्यवस्था थी। फिर यहां से सभी नंदीग्राम में आयोजित महापंचायत में शामिल हुए। जहां किसान आंदोलन के नेता राकेश टिकैत, मेधा पाटकर सहित कई किसान नेता शामिल हुए।

इनकी रही भागीदारी

इस महापंचायत को सेंट्रल गुरुद्वारा के पूर्व प्रधान गुरमुख सिंह मुखे ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार  जो कृषि बिल लेकर आई है उसके विरोध में पिछले 107 दिनों से आंदोलनरत हैं। लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक उनकी मांगें नहीं मानी। लेकिन हमने तय किया है कि जब तक उनकी मांगे नहीं पूरी होंगी, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। इस महापंचायत में मुख्यरूप से अकाली दल जमशेदपुर के जरनैल सिंह ,रविंदर पाल सिंह,,चेयरमैन तरसेम सिंह, चेयरमैन जागीर सिंह, हरविंदर सिंह मंटू, दलजीत सिंह दल्ली, तारा सिंह, रंजीत सिंह मथारू, लखविंदर सिंह, कश्मीर सिंह सिरा, बलवंत सिंह, सुखविंदर सिंह, जसवीर सिंह पदरी, अमरजीत सिंह गांधी, जगजीत सिंह गांधी, रविंद्र सिंह मिंटू, अमरजीत सिंह, दलजीत सिंह, गुरदीप सिंह काके, सीतारामडेरा से सुरजीत सिंह, अविनाश सिंह, दलजीत सिंह बिल्ला, इंद्रपाल सिंह, कुलदीप सिंह मिंटू, हरजीत सिंह, प्रताप सिंह, सुखदेव सिंह, हरजीत सिंह, रविंद्र सिंह, जसपाल सिंह, दीपक गिल, हरजिंदर सिंह, त्रिलोक सिंह, जसवंत सिंह, सुखवंत सिंह, हरजिंदर सिंह, हीरा सिंह सहित शामिल थे।

Edited By: Rakesh Ranjan