Tata Empire से एक-एक कर टूट रहे मेहली मिस्त्री के धागे: अब कोलकाता के प्रसिद्ध कैंसर अस्पताल ट्रस्ट से भी बनाई दूरी
दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा के करीबी रहे मेहली मिस्त्री 30 सितंबर को कोलकाता स्थित टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट के ट्रस्टी पद से हट जाएंगे।

टाटा समूह के विभिन्न न्यासों से उनके क्रमिक रूप से अलग होने की कड़ी में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
HighLights
मेहली मिस्त्री 30 सितंबर को टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट छोड़ेंगे।
यह टाटा समूह के न्यासों से उनकी क्रमिक दूरी का हिस्सा।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा के बेहद करीबी रहे मेहली मिस्त्री ने अब कोलकाता स्थित टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट के ट्रस्टी पद से भी हटने का निर्णय लिया है।
आगामी 30 सितंबर को उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि वे दोबारा इस पद की दौड़ में शामिल नहीं होंगे। टाटा समूह से जुड़े विभिन्न न्यासों से मिस्त्री के क्रमिक रूप से अलग होने की कड़ी में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नोएल टाटा समेत सभी ट्रस्टियों को ईमेल भेजकर दी सूचना
मिस्त्री ने 15 सितंबर को कोलकाता स्थित टाटा मेडिकल सेंटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अरुण पट्टथयिल को ईमेल भेजकर अपने इस फैसले की जानकारी दी। ईमेल में उन्होंने लिखा कि 30 सितंबर को उनका कार्यकाल पूरा हो रहा है।
वे अगले कार्यकाल के लिए इच्छुक नहीं हैं, इसलिए उनके इस निर्णय को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया जाए। मिस्त्री ने इस ईमेल की प्रति टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के अलावा अन्य प्रमुख ट्रस्टियों विजय सिंह, डेरियस जे. खंबाटा, लिया टाटा, माया टाटा और नेविल टाटा को भी भेजी है।
उल्लेखनीय है कि यह ट्रस्ट कोलकाता में 436 बिस्तरों वाला एक गैर-लाभकारी अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल संचालित करता है, जहां मरीजों को रियायती दरों पर विश्वस्तरीय इलाज मुहैया कराया जाता है।
टाटा ट्रस्ट्स से लगातार घट रही मिस्त्री की भूमिका
टाटा समूह के विभिन्न प्रमुख न्यासों और संस्थाओं में मेहली मिस्त्री की भूमिका बीते कुछ समय से लगातार सीमित होती दिख रही है:
- आरएनटी एसोसिएट्स से इस्तीफा: इससे पूर्व जुलाई में उन्होंने रतन टाटा के व्यक्तिगत निवेशों (लगभग ₹1,000 करोड़ से अधिक) का प्रबंधन करने वाली कंपनी आरएनटी एसोसिएट्स के निदेशक पद से त्यागपत्र दे दिया था।
- अन्य एंडोमेंट ट्रस्ट्स से दूरी: वे रतन टाटा एंडोमेंट ट्रस्ट और रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन के पदों से भी पहले ही अलग हो चुके हैं।
- आजीवन ट्रस्टी प्रस्ताव पर विराम: अक्टूबर 2025 में मुख्य टाटा ट्रस्ट्स (सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट) में उन्हें आजीवन ट्रस्टी बनाने के प्रस्ताव के बावजूद उनकी पुनर्नियुक्ति को मंजूरी नहीं मिल सकी थी।
उस समय मिस्त्री ने साफ किया था कि वे रतन टाटा के मूल्यों का सम्मान करते हैं और ट्रस्ट को किसी कानूनी विवाद में नहीं घसीटना चाहते। फिलहाल, मेहली मिस्त्री मुख्य रूप से केवल 'टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट' से ही जुड़े हुए हैं।
