जमशेदपुर, जासं। हिंदू जनजागृति समिति ने पंजाब में चल रही गंभीर आपराधिक घटनाओं पर आनलाइन संवाद किया था, जिसमें महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रवीण दीक्षित ने जो विचार रखे, उसमें कहा कि पंजाब के एक न्यायालय में एक पूर्व पुलिसकर्मी द्वारा बम विस्फोट कराया गया। सीमावर्ती क्षेत्र में आरडीएक्स से भरी हुई बस मिली, पाकिस्तान से ड्रोन द्वारा पंजाब में शस्त्रास्त्र और मादक पदार्थ भेजे जा रहे हैं।

इन सभी घटनाआें को देखते हुए पंजाब में कुछ देश विरोधी तत्व सक्रिय हैं। उन्होंने खलिस्तानवादियों को अपने साथ लेकर देश के विरुद्ध छद्म युद्ध (प्राक्सी वार) आरंभ किया है, क्योंकि वे प्रत्यक्ष युद्ध में कभी सफल नहीं होंगे, क्योंकि पंजाब की जनता भारत के साथ है। पंजाब सरकार को अब जागकर राज्य और सीमावर्ती क्षेत्र को सुरक्षित रखना चाहिए।

खालिस्तानवादी चीन व पाकिस्तान से ले रहे सहयोग

जमशेदपुर से शामिल समिति के सदस्य सुदामा शर्मा ने बताया कि आनलाइन संवाद में ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ के प्रवक्ता तथा सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि गुप्तचर विभागों ने यह जानकारी दी है कि खलिस्तानवादियों ने अब चीन, पाकिस्तान और इस्लामी आतंकियों से हाथ मिलाया है। भारत के इतिहास में सिखों का बडा योगदान है, परंतु खलिस्तानवादियों ने किसान आंदोलन में सिख किसानों को उतारकर सरकार उन पर गोलीबारी करे, इस प्रकार का वातावरण कई बार उत्पन्न किया, परंतु सरकार ने उन पर बलप्रयोग नहीं किया। यदि वैसा हो जाता, तो उस माध्यम से देश को अस्थिर बनाने का उनका बड़ा षड्यंत्र था।

योजनाबद्ध षडयंत्र रचा गया

प्रधानमंत्री का काफिला रोकने के पीछे भी योजनाबद्ध षड्यंत्र रचा गया था। इस संवाद में अमेरिका स्थित मां राज्यलक्ष्मी ने कहा कि ‘भारत को धर्मांतरित कीजिए और उसके उपरांत भारत को नियंत्रित कर भारत को तोड़ दीजिए’, इस उद्देश्य से भारत को स्वतंत्रता मिलने से लेकर ही षड्यंत्र चल रहे हैं। इसके लिए मिशनरी, पाकिस्तानी, चीन, अंतरराष्ट्रीय समूह आदि देशविरोधी तत्व सक्रिय हैं। उनमें खलिस्तानी आंदोलन, इस्लामी आतंकवाद, ‘डिसमेंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व’ परिषद, ‘सीएए’ विरोधी आंदोलन, किसान आंदोलन, हिंदुआें के देवी-देवताआें का जानबूझकर अनादर करना आदि कृत्य जानबूझकर किए जा रहे हैं। यह वैश्‍विक षड्यंत्र है।

सनातन संस्था ने कांग्रेस पर लगाया आरोप

इस विशेष संवाद में सनातन संस्था के धर्मप्रचारक अभय वर्तक ने कहा कि कांग्रेस की ओर से वर्ष 1984 की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है। सिख पंथ जातिवादी अथवा देशद्रोही नहीं है। सिखों के गुरु गोविंद सिंहजी ने विविध जातियों को सम्मान देकर ‘पंजप्यारे’ की संकल्पना रखी, परंतु कांग्रेस ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते जातिवाद को बढ़ावा दिया। पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी के दलित सिख होने का प्रचार कर कांग्रेस ने साक्षात गुरु गोविंद सिंहजी का अपमान किया है। वर्ष 2014 तक सिखों और उनके गुरु का उत्पीड़न करने वाले औरंगजेब के नाम से देहली में एक महामार्ग था। कांग्रेस ने कभी वह नाम नहीं बदला। इसके चलते कांग्रेस ने एक प्रकार से सिखों का अपमान ही किया है।

Edited By: Rakesh Ranjan