जमशेदपुर, जासं। शूरवीर महाराणा प्रताप की जयंती शहर में धूमधाम से मनाई जा रही है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (युवा) के महानगर अध्यक्ष श्रीकांत सिंह के नेतृत्व में साकची स्थित मेरीन ड्राइव चौक पर क्षत्रिय शिरोमणि वीर महाराणा प्रताप की आदमकद प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनकी जयंती को संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया।

इस मौके पर उपस्थित प्रदेश महामंत्री समरेश सिंह ने कहा कि अमर बलिदानी महाराणा प्रताप ने भामाशाह के अतुलनीय अनुदान की मदद और मात्र 500 कोल भीलों की सेना लेकर हल्दी घाटी के युद्घ में अकबर की 80000 की सेना के दांत खट्टे कर दिए थे। इस भीषण युद्ध में अकबर की सेना के 17000 सैनिक भी मारे गए थे। अंततः मेवाड़ हमेशा के लिए अजेय रहा। महाराणा प्रताप ने युद्ध के दौरान सूखी घास की रोटी तक खाई, पर मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की। कई एक बार युद्ध में हराया। आज के युवाओं को ऐसे महानायक के जीवन से प्रेरणा लेने की जरूरत है। कार्यक्रम के अंत मे दो मिनट का मौन रखकर महाराणा प्रताप के बलिदान को याद किया गया। इस मौक़े पर प्रदेश महामंत्री समरेश सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री महेश सिंह, रवि प्रकाश सिंह, महानगर अध्यक्ष श्रीकांत सिंह,उपाध्यक्ष साकेत भारद्वाज, जय राठौड़, शशि शंकर आदि उपस्थित थे।

भारतीय जन महासभा 13 को मनाएगी जयंती

भारतीय जन महासभा शूरवीर महाराणा प्रताप की जयंती 13 जून को मनाएगी। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मचंद्र पोद्दार ने कहा कि शूरवीर महाराणा प्रताप का जन्म ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया को हुआ था, जो इस वर्ष 13 जून को है। उनके वंशज पिछले 400 वर्षों से ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया को ही जयंती मनाते हैं।

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी किया याद

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी जयंती पर महाराणा प्रताप को याद किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन से सीख लेने की जरूरत है।