LIC को बड़ा झटका: सेंट्रल जीएसटी जमशेदपुर ने जारी किया ₹109 करोड़ का टैक्स और जुर्माने का नोटिस
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को जमशेदपुर में सेंट्रल जीएसटी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के नियमों के उल्लंघन पर ...और पढ़ें

एलआईसी ने निर्धारित समय सीमा और कानूनी शर्तों का पालन किए बिना ही आईटीसी का दावा कर लिया था।
HighLights
इनपुट टैक्स क्रेडिट नियमों के उल्लंघन पर सेंट्रल जीएसटी की कार्रवाई।
एलआईसी ने आदेश के खिलाफ अपील करने की घोषणा की।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को वित्तीय वर्ष 2022-23 के नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले में बड़ा झटका लगा है।
जमशेदपुर स्थित एडिशनल कमिश्नर, सेंट्रल जीएसटी एवं सेंट्रल एक्साइज विभाग ने एलआईसी को कुल ₹108.99 करोड़ (लगभग 109 करोड़ रुपये) का टैक्स डिमांड और जुर्माने का आदेश जारी किया है।
केंद्रीय कर विभाग द्वारा जारी इस आदेश के तहत एलआईसी पर ₹99.09 करोड़ का जीएसटी और ₹9.90 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा नियमानुसार अतिरिक्त ब्याज भी वसूला जाएगा।
इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) दावे में गड़बड़ी का आरोप
जमशेदपुर सेंट्रल जीएसटी अधिकारियों के अनुसार, यह सख्त कार्रवाई रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (RCM) के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के समय से पहले और गलत दावे के कारण की गई है।
विभागीय जांच में यह पाया गया कि एलआईसी ने निर्धारित समय सीमा और कानूनी शर्तों का पालन किए बिना ही आईटीसी का दावा कर लिया था।
नियमों के अनुसार, आरसीएम के तहत पहले संबंधित कर का भुगतान करना अनिवार्य होता है और उसके बाद ही आईटीसी का लाभ लिया जा सकता है, लेकिन इस प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई।
वित्तीय सेहत और कामकाज पर असर नहीं: एलआईसी
इस बड़े टैक्स नोटिस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एलआईसी ने शेयर बाजारों को भेजी नियामकीय सूचना (Regulatory Filing) में स्पष्ट किया है कि इस आदेश का कंपनी के समग्र वित्तीय स्वास्थ्य या व्यावसायिक गतिविधियों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
एलआईसी ने कहा कि यह मामला पूरी तरह से अपील योग्य है और कंपनी इस आदेश के खिलाफ जमशेदपुर के कमिश्नर (अपील) के समक्ष जल्द ही अपील दायर करेगी।
कंपनी के अनुसार, यह केवल एक तकनीकी व प्रक्रियात्मक विसंगति का मामला है जिसे कानूनी प्रक्रिया के तहत चुनौती दी जाएगी।
एलआईसी ने अपने ग्राहकों को आश्वस्त किया है कि इससे पॉलिसीधारकों या उनके नियमित कामकाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
