जागरण संवाददाता, जमशेदपुर : न्यूवोको विस्टास कॉर्प (पुराना नाम लाफार्ज इंडिया लिमिटेड) के जोजोबेड़ा सीमेंट प्लांट के कर्मचारियों का लाफार्ज से टाटा स्टील वापसी मामले में मंगलवार को लेबर कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद एक नया मोड़ आ गया। कोर्ट ने कहा कि लाफार्ज इंडिया की सीमेंट प्लांट अब न्यूवोको विस्टास कॉर्प बन गई है ऐसे में लाफार्ज की जगह न्यूवोको को ही पार्टी बनाना चाहिए। कोर्ट की इस दलील का कर्मचारियों ने विरोध किया।

कर्मचारियों के नेतृत्वकर्ता नरेंद्र मिश्रा ने न्यायाधीश ने कहा कि जिस लाफार्ज में हम सब करीब 20 साल काम कर चुके हैं उसका नाम केस से कैसे हटाया जा सकता हैं। ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जब पुरानी पार्टी के नाम को हटाकर वहां नई का नाम रखा जाए। लाफार्ज के साथ दूसरे को भी पार्टी बनाना संभव है, लेकिन पूर्व नाम को याचिका से हटाना गलत होगा। इस बात को लेकर कोर्ट में काफी बहस हुई। अंत में तय हुआ कि पहले नाम हटाने के मामले में निर्णय होगा फिर आगे सुनवाई होगी।

पिछली सुनवाई में न्यूवोको प्रबंधन ने लाफार्ज के स्थान पर अपना नया नाम जोड़ने की आवेदन दिया है। जानकारी हो कि वर्ष 2003 में लाफार्ज के 74 कर्मचारियों ने फिर से टाटा स्टील जाने के मामले में लेबर कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट के बाद यह मामला 2014 में दोबारा जमशेदपुर लेबर कोर्ट में चल रहा है। टाटा स्टील, लाफार्ज व मजदूर तीनों पक्ष से पूछताछ हुई। इसी मामले में 102 कर्मचारी रांची ट्रिब्यूनल में गए हैं। इन कर्मचारियों ने 2004 में याचिका दायर की थी। न्यूवोको कंपनी में कर्मचारियों की संख्या 100 से ज्यादा है जिसमें से 60 आज भी टाटा स्टील में वापस जाना चाहते हैं।

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Posted By: Jagran

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