IIT में एक भी महिला निदेशक नहीं और सुप्रीम कोर्ट में महिला CJI का न होना चिंताजनक: प्रो. पंकज मित्तल ने उठाए तीखे सवाल
प्रो. पंकज मित्तल ने आईआईटी और विश्वविद्यालयों में महिला नेतृत्व की कमी पर चिंता व्यक्त की, इसे दूर करने के लिए महिलाओं को अपनी सोच बदलने की आवश्यकता बताई।

एनआईटी जमशेदपुर में आयोजित राष्ट्रीय महिला नेतृत्व सम्मेलन में शिक्षाविदों ने महिलाओं को उच्च पदों तक पहुंचाने और सशक्त बनाने पर जोर दिया।
HighLights
आईआईटी और विश्वविद्यालयों में महिला नेतृत्व की कमी पर चिंता व्यक्त की गई।
प्रो. पंकज मित्तल ने महिलाओं को स्वयं पहल करने पर जोर दिया।
एनआईटी जमशेदपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय महिला नेतृत्व सम्मेलन आयोजित हुआ।
एनआईटी जमशेदपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आगाज

शिक्षा और तकनीकी ज्ञान से ही सशक्त होंगी महिलाएं: प्रो. सूत्रधार
एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार ने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में नारियों का योगदान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा:
- महिलाओं को समान अवसर के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान और नेतृत्व के मंच उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
- भारतीय परंपरा में महिलाओं को सदैव उच्च स्थान मिला है, जिसे अब आधुनिक विज्ञान, तकनीक और कौशल विकास से जोड़ने की आवश्यकता है।
- नेतृत्व केवल पद पाना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी संभालना, सही निर्णय लेना और सकारात्मक सामाजिक बदलाव लाना है।
संस्कार का अर्थ महिलाओं पर पाबंदी लगाना नहीं
पहले दिन दो तकनीकी सत्रों में हुआ मंथन
सम्मेलन के प्रथम दिन दो महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। प्रथम सत्र 21वीं सदी की महिला शिक्षा: संस्कार, मूल्य और सामाजिक परिवर्तन विषय पर केंद्रित रहा, जिसमें मूल्य आधारित शिक्षा पर जोर दिया गया।
द्वितीय सत्र में महिला शिक्षा: परंपरा, आधुनिकता और पाठ्यक्रम की भारतीय दृष्टि" विषय पर आयोजित हुआ, जिसमें भारतीय ज्ञान-परंपरा और आधुनिक पाठ्यक्रम के समन्वय पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में सम्मेलन की संयोजक एवं कोल्हान विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति डॉ. शुक्ला मोहंती, शोभा पाठक, डॉ. मौसमी पाल, डॉ. कविता परमार, प्रो. सरोज कुमार सारंगी, डॉ. रणजीत प्रसाद, डॉ. अमर कुमारसमेत कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
