जमशेदपुर, जासं।  पूर्वी सिंहभूम ज़िले में लगतार तेज बारिश से जनसामान्य अस्तव्यस्त है। तटीय इलाकों में बसे लोग विशेष प्रभावित हुए हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों और बस्तियों के घर जलमग्न हो गए हैं। कोरोना महासंक्रमण के बीच इस प्राकृतिक आपदा से नीम पर करेले जैसी स्थिति बन चुकी है। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सह बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने बाढ़ग्रस्त लोगों के सहायतार्थ पहल सुनिश्चित करने को लेकर ट्वीट द्वारा झारखंड सरकार और पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन का ध्यानाकर्षण किया। 

बुधवार देर रात को पूर्व विधायक ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता ज्योतिर्मय दास के ट्वीट पर हस्तक्षेप किया। उन्होंने बहरागोड़ा के प्रतापपुर गांव में बाढ़ से डूबे 27 घरों के परिवारों तक राहत पहुंचाने के लिए सरकार से आग्रह किया था। उनके ट्वीट के महज पंद्रह मिनट के अंदर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पीड़ित परिवारों तक राहत पहुंचाने का आदेश जारी कर दिया। इसके बाद पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की टीम ने भी संज्ञान लिया। गुरुवार सुबह से ही जिला प्रशासन का राहत दल प्रतापपुर गांव का दौरा कर बाढ़ग्रस्त 27 परिवारों के सहायतार्थ राहत कार्य में जुट गया है।

दूसरा मामला जमशेदपुर के कल्‍याण नगर का

दूसरा मामला जमशेदपुर के पूर्वी विधानसभा में भुइयांडीह से सटे कल्याण नगर सहित अन्य बस्तियों के घरों के जलमग्न होने से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने को लेकर भी भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने झारखंड सरकार और जिला उपायुक्त सूरज कुमार से अविलंब हस्तक्षेप और संज्ञान लेने का आग्रह किया। पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने कल्याण नगर में नदी के बढ़ते जलस्तर से जलमग्न हुई बस्तियों और प्रभावित लोगों का एक वीडियो क्लिप भी साझा किया था, जिससे स्थिति की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस पर जिले के उपायुक्त सूरज कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन की आपदा नियंत्रण टीम देर रात से ही राहत और बचाव कार्य में जुटी है। डीसी ने बताया कि प्रभावित लोगों को राहत सामग्री दी जा रही है। प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नजर बनाये हुए है।

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