कोल्हान यूनिवर्सिटी में 8 साल से अटका है छात्र संघ का चुनाव, जल्द उच्च शिक्षा विभाग को भेजा जाएगा प्रस्ताव
कोल्हान विश्वविद्यालय में पिछले आठ वर्षों से लंबित पड़े छात्र संघ चुनाव को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। विश्वविद्यालय ...और पढ़ें

बैठक में चुनाव की संभावित रूपरेखा, समय-सारणी और अन्य जरूरी बिंदुओं पर विमर्श किया जाएगा।
HighLights
कोल्हान विश्वविद्यालय में 8 साल से छात्र संघ चुनाव लंबित।
विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द उच्च शिक्षा विभाग को भेजेगा प्रस्ताव।
छात्र संगठनों में चुनाव न होने से बढ़ रहा असंतोष।
जासं, जमशेदपुर। कोल्हान विश्वविद्यालय (KU) में पिछले आठ वर्षों से लंबित पड़े छात्र संघ चुनाव को लेकर अब एक बार फिर सुगबुगाहट तेज हो गई है।
पड़ोसी राज्य ओडिशा में छात्र संघ चुनाव संपन्न होने के बाद, अब कोल्हान विश्वविद्यालय में भी चुनाव कराए जाने की मांग मुखर होने लगी है।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय स्तर पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर प्रारंभिक दौर की बैठक भी आयोजित की जा चुकी है।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बाद भेजा जाएगा प्रस्ताव
विश्वविद्यालय प्रशासन फिलहाल स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों में चल रही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के पूर्ण होने का इंतजार कर रहा है।
जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, एक और उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में चुनाव की संभावित रूपरेखा, समय-सारणी और अन्य जरूरी बिंदुओं पर विमर्श किया जाएगा।
इसके बाद अंतिम प्रस्ताव तैयार कर राज्य के उच्च शिक्षा विभाग को भेजा जाएगा। विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद ही विश्वविद्यालय में चुनाव की आधिकारिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
छात्र संगठनों में बढ़ रहा असंतोष
लंबे समय से चुनाव न होने के कारण विभिन्न छात्र संगठनों में प्रशासन के प्रति नाराजगी और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। छात्र नेताओं ने कई बार ज्ञापन सौंपकर सवाल उठाया है।
संघ का कहना है कि जब विश्वविद्यालय के अन्य अकादमिक और प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं, तो छात्र संघ चुनाव को लेकर सुस्ती क्यों बरती जा रही है।
छात्र नेताओं का तर्क है कि छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं और मांगें प्रमुखता से उठाने के लिए एक मजबूत लोकतांत्रिक मंच प्रदान करता है। चुनाव न होने से युवाओं को नेतृत्व क्षमता निखारने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
कोल्हान विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण निदेशक (DSW) डॉ. दारा सिंह ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की पूरी मंशा छात्र संघ चुनाव कराने की है।
इस संबंध में प्राथमिक स्तर पर चर्चा हो चुकी है। एक अन्य दौर की बैठक के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा और उच्च शिक्षा विभाग की अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
दूसरी ओर, जेडीयू (JDU) के कोल्हान संयोजक हेमंत पाठक और आल इंडिया स्टूडेंट डेमोक्रेटिक आर्गेनाइजेशन (AISDO) के प्रमंडल छात्र नेता शुभम झा ने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि शिक्षकों के चुनाव समय पर हो रहे हैं और अन्य कार्य भी सामान्य रूप से चल रहे हैं, ऐसे में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की अनदेखी करना न्यायसंगत नहीं है।
