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    कोल्हान विवि की Ranking सुधार पर फोकस; कुलपति ने कहा- रिकॉर्ड मजबूत करें, गुणवत्ता बढ़ाएं

    By Ch Rao Edited By: Sanjeev Kumar
    Updated: Sat, 29 Nov 2025 08:54 PM (IST)

    कोल्हान विश्वविद्यालय अपनी रैंकिंग सुधारने पर ध्यान दे रहा है। कुलपति ने अधिकारियों से रिकॉर्ड मजबूत करने और गुणवत्ता बढ़ाने को कहा है। NAAC से अच्छी ग्रेडिंग पाने के लिए गुणवत्ता पर जोर दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय को अनुसंधान और प्रकाशन पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा।

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    फाइल फाेटो।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा में शनिवार को आइक्यूएसी (आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन समिति) की ओर से नैक (NAAC) और एनआइआरएफ (NIRF) रैंकिंग की तैयारी पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने की। 
     
    उन्होंने विश्वविद्यालय को उत्कृष्ट श्रेणी में लाने के लिए मिशन मोड में कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने हर विभाग, सेल तथा कार्यालय को अपने कार्यों का सही दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। 

    कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कुलपति ने कहा कि कोल्हान विश्वविद्यालय 16 वर्ष पूरे कर चुका है। उत्कृष्ट ग्रेड के लिए विश्वविद्यालय को शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान और प्रशासनिक दक्षता के हर स्तर पर काम करना होगा।

    कुलपति ने कहा कि नैक और एनआइआरएफ दोनों ही मूल्यांकन प्रणालियों में सबसे मजबूत हथियार दस्तावेज होते हैं। इसलिए हर विभागाध्यक्ष, डीन और पदाधिकारी से अपेक्षा है कि वे अपनी कार्य-योजना तुरंत तैयार करें।

    उन्होंने हाल ही में आयोजित दीक्षा समारोह की सफलता के लिए समस्त टीम को बधाई दी और कहा कि समारोह से जुड़े दस्तावेजों को भी व्यवस्थित रूप से संग्रहित किया जाए।

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    आइक्यूएसी निदेशक ने सामने रखा विस्तृत खाका 

    कार्यशाला के दूसरे चरण में आइक्यूएसी निदेशक डॉ. रंजीत कुमार कर्ण ने विश्वविद्यालय में अब तक हुए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने नैक के तृतीय साइकिल के लिए तैयार किए गए विस्तृत ब्लूप्रिंट को साझा करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय ने कई बिंदुओं पर सकारात्मक प्रगति दर्ज की है।

    उन्होंने आगे की योजनाओं को मजबूत करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर बल दिया, ताकि सभी मापदंडों को समयसीमा के भीतर पूरा किया जा सके। इसके बाद कार्यशाला में नैक के मुख्य सात मापदंडों पर केंद्रित विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं।  

    मुख्य वक्ताओं में डॉ. शोभित रंजन, डॉ. नीतीश महतो, डॉ. सुनीता, दांगी सोरेन और डॉ. सुनील मुर्मू शामिल थे। इस दौरान पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता, शिक्षण, प्रशिक्षण और मूल्यांकन प्रणाली, अनुसंधान, नवाचार और परामर्श समेत आधारभूत संरचना और संसाधन समेत कई विषयों पर विशेष रूप से चर्चा हुई।
     
    विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि इन सभी क्षेत्रों में सतत सुधार और पारदर्शिता से ही विश्वविद्यालय बेहतर रैंकिंग हासिल कर सकता है। कार्यशाला ने सहभागी विभागों को यह स्पष्ट समझ प्रदान की कि उपलब्ध संसाधनों के आधार पर कैसे समयबद्ध, सटीक और प्रभावी ढंग से लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। 
     
    सभी विभागों को यह निर्देश भी दिया गया कि हर दस्तावेज डिजिटल फॉर्म में सुरक्षित रखा जाए, विभागीय गतिविधियों की रिपोर्टिंग सिस्टम का मानकीकरण किया जाए और मूल्यांकन के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा न आए। 

    कार्यशाला के अंत में कुलपति ने कहा कि यह आयोजन विश्वविद्यालय को उत्कृष्ट नैक ग्रेड और बेहतर एनआइआरएफ रैंकिंग प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। फिलहाल विश्वविद्यालय के पास बी ग्रेड है, जिसे आगामी सत्र में बेहतर करने का लक्ष्य रखा गया है।