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कोल्हान में SIR का असर: 20 हजार प्रमाण पत्र अटके, छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं से वंचित हो रहे छात्र

By Ch Rao Edited By: Sanjeev Kumar
Published: Thu, 29 Oct 2026 07:20 PM (IST)

कोल्हान प्रमंडल में जाति, आय, आवासीय सहित लगभग 20 हजार प्रमाण पत्र लंबित होने से छात्रों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

समय पर प्रमाण पत्र न मिलने के कारण हजारों छात्र छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन से वंचित हो रहे हैं, जिससे उनके भविष्य पर संकट गहरा गया है।

समय पर प्रमाण पत्र न मिलने के कारण हजारों छात्र छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन से वंचित हो रहे हैं, जिससे उनके भविष्य पर संकट गहरा गया है।

HighLights

  1. छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन बाधित।

  2. ई-कल्याण छात्रवृत्ति की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर।

जासं, जमशेदपुर। कोल्हान प्रमंडल में जाति, आय, आवासीय और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों के लंबित रहने से आम लोगों के साथ छात्र-छात्राओं की परेशानी बढ़ गई है। 
 
विशेष रूप से विद्यार्थियों के सामने छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन को लेकर संकट पैदा हो गया है। ई-कल्याण छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित है। 
 
ऐसे में समय पर आवश्यक प्रमाण पत्र नहीं मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के हजारों विद्यार्थी आवेदन करने से वंचित हो सकते हैं।
 
एमजीएम थाना क्षेत्र के पिपला निवासी सोहन मांझी पिछले छह माह से आवासीय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन जमा कर इंतजार कर रहे हैं। 
 
उन्हें बैंकिंग परीक्षा के लिए आवेदन करना है, लेकिन प्रमाण पत्र नहीं बनने से परेशानी हो रही है। वहीं, घाटशिला की तृषा कुमारी का कहना है कि उन्होंने आठ माह पहले ओबीसी प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। 
 
लेकिन अब तक प्रमाण पत्र नहीं मिला। इसके कारण उन्हें मजबूरी में स्नातक में सामान्य श्रेणी के तहत नामांकन लेना पड़ा।
 
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम में करीब 10 हजार जन्म एवं आय प्रमाण पत्र लंबित हैं। सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल और सरायकेला अनुमंडल में करीब पांच हजार, जबकि पश्चिम सिंहभूम में भी लगभग पांच हजार प्रमाण पत्र अटके हुए हैं। 
 
इस तरह तीनों जिलों में करीब 20 हजार प्रमाण पत्र लंबित बताए जा रहे हैं। एसआइआर की प्रक्रिया के बीच प्रमाण पत्रों के निष्पादन की धीमी गति से समस्या बढ़ी है। 
 
इन दस्तावेजों की जरूरत सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, छात्रवृत्ति पाने और प्रतियोगी परीक्षाओं के आवेदन में पड़ती है।
 
को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी विभागीय अधिकारियों से पत्राचार शुरू किया है। हालांकि, तीनों जिलों में लंबित आवेदनों के निष्पादन का काम धीमी गति से जारी है।

-जमशेदपुर में जन्म, जाति, आय प्रमाण पत्र के निस्तारण की गति एसआइआर के कारण धीमी है। धीरे-धीरे कार्य हो रहा है। निर्धारित टाइम फ्रेम में प्रमाण पत्रों का सत्यापन करना संभव फिलहाल नहीं हो पा रहा है। इस कारण इन्हें जारी करने में विलंब हो रहा है।

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अर्णब मिश्रा, अनुमंडल पदाधिकारी, धालभूम।

चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में जाति, आय, आवासीय तथा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों के लंबित रहने से छात्र-छात्राओं और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से ई-कल्याण छात्रवृत्ति के आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। विद्यार्थी इसके लाभ से वंचित हो सकते हैं।

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मधुश्री महतो, जिला परिषद उपाध्यक्ष, सरायकेला-खरसावां।