जमशेदपुर, जासं। विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। कहने को सभी राजनीतिक दल मैदान मारने की पूरी तैयारी कर चुके हैं, लेकिन भाजपा को छोड़कर किसी अन्य राजनीतिक दल की तैयारी अभी धरातल पर नजर नहीं आ रही। आलम ये है कि भाजपा के फुल होमवर्क के सामने पूरा विपक्ष अभी ऊहापोह में ही है। विपक्ष का पहला असमंजस ये कि गठबंधन होगा कि नहीं? दूसरा असमंजस ये कि यदि गठबंधन हुआ तो फॉर्मूला क्या होगा? तीसरा और सबसे बड़ा असमंजस ये कि कौन सीट किसके खाते में जाएगी और कौन उम्मीदवार होगा?

इसके सामने भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनावों से ही जो रफ्तार पकड़ी, अभी तक वो धीमी ही नहीं हुई, बल्कि और तेज हो गई है। भाजपा लोकसभा चुनावों के समय ही जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र के छह विधानसभा क्षेत्रों के कुल 1885 बूथ समितियों की गठन कर चुकी थी। विधानसभा चुनावों की आहट मिलते ही सभी बूथों के अध्यक्ष, भवन प्रभारी, पंचायत प्रभारी और पन्ना प्रमुख (वोटर लिस्ट के एक पेज का प्रभारी) बनाए जाने के बाद अब तक सात बार इनकी बैठक और प्रशिक्षण हो चुका है। सभी बूथ अध्यक्षों और पन्ना प्रमुखों के हाथ तक मतदाता सूची पहुंच चुकी है।

सभी ठोक रहे खम

 इधर, कांग्रेस दावा कर रही है कि उसने भी सभी विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 1400 बूथ समितियों का गठन कर लिया है। झामुमो भी सभी तैयारियां पूरी कर लेने का खम ठोंक रहा है। लेकिन, दोनों ही पार्टियों के नेता दबी जुबान से यह भी स्वीकार कर रहे हैं कि गठबंधन को लेकर अभी तक सभी नेताओं-कार्यकर्ताओं पर सुस्ती तारी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा की जोरदार तैयारियों के आगे विपक्षी खेमा इतने कम समय में किस तरह अपनी तैयारियां मुकम्मल करता है और मैदान में कितने दम-खम के साथ उतरता है।  

Posted By: Rakesh Ranjan

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