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हर घर की बनेगी डिजिटल पहचान: JNAC क्षेत्र में कचरा उठाव पर रहेगी ऑनलाइन नजर, 50 हजार घरों में लगेंगे RFID टैग

Published: Sun, 06 Sep 2026 10:07 PM (IST)

जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) घर-घर कचरा उठाव को तकनीक से जोड़ने जा रही है, जिसके तहत 50 हजार घरों की डिजिटल मैपिंग कर आरएफआईडी टैग लगाए जाएंगे।

जमशेदपुर में कचरा उठाने वाले वाहनों में विशेष स्कैनर लगे होंगे।

जमशेदपुर में कचरा उठाने वाले वाहनों में विशेष स्कैनर लगे होंगे।

HighLights

  1. कचरा उठाव की ऑनलाइन निगरानी से बढ़ेगी जवाबदेही।

  2. दुर्गापूजा से पहले शुरू होगी यह नई तकनीक।

मनोज सिंह, जमशेदपुर। जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) अब घर-घर कचरा उठाव की व्यवस्था को पूरी तरह से तकनीक से जोड़ने जा रही है। 
 
अक्षेस क्षेत्र के लगभग 50 हजार घरों का सर्वेक्षण कर आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) तकनीक के जरिए डिजिटल मैपिंग की जाएगी।
 
प्रत्येक घर का डेटाबेस तैयार करने के बाद वहां एक आरएफआईडी टैग लगाया जाएगा। कचरा उठाने वाले वाहनों में विशेष स्कैनर लगे होंगे।
 
जैसे ही वाहन घर पहुंचेगा और टैग स्कैन होगा, कचरा उठाव की सूचना तुरंत ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज हो जाएगी। 
 
इस पूरी व्यवस्था को लागू करने पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जेएनएसी प्रशासन की योजना इसे दुर्गापूजा से पहले शुरू करने की है।
 

लापरवाही पर लगेगी लगाम, बढ़ेगी जवाबदेही

वर्तमान में आम नागरिकों की सबसे बड़ी शिकायत यह रहती है कि कचरा वाहन उनके मोहल्ले या घर तक नियमित रूप से नहीं पहुंचता। अक्सर इन शिकायतों का सत्यापन करना प्रशासन के लिए कठिन होता था। 
 
लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद अधिकारियों को कार्यालय में बैठे-बैठे ही यह स्पष्ट जानकारी मिल जाएगी कि कचरा वाहन किस इलाके में पहुंचा और किन-किन घरों से कचरा एकत्र किया गया।
 

घर-घर की बनेगी डिजिटल पहचान

आरएफआईडी टैग हर मकान की एक डिजिटल पहचान के रूप में कार्य करेगा। स्कैनर से टैग स्कैन होते ही समय और तिथि के साथ रिकॉर्ड सिस्टम में दर्ज हो जाएगा। 
 
यदि किसी क्षेत्र से कचरा न उठने की शिकायत आती है, तो डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर तुरंत सच्चाई का पता लगाया जा सकेगा और संबंधित सफाईकर्मी या ठेकेदार की जवाबदेही तय होगी।
 

भविष्य की योजनाओं में काम आएगा सटीक डेटा

सर्वे के दौरान जेएनएसी क्षेत्र के सभी आवासीय भवनों और मकानों का सटीक आंकड़ा जुटाया जाएगा। इससे अक्षेस के पास क्षेत्र का एक प्रामाणिक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। 
 
इस डेटा का उपयोग भविष्य में नागरिक सुविधाओं, स्वच्छता अभियानों और कचरा प्रबंधन की नई योजनाएं बनाने में किया जा सकेगा।

करीब 50 हजार घरों का सर्वे कर आरएफआइडी के माध्यम से डिजिटल मैपिंग की जाएगी। इससे कचरा उठाव की निगरानी अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और दुर्गापूजा से पहले योजना शुरू करने की तैयारी है।

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योगेंद्र प्रसाद, प्रशासक, जमशेदपुर अक्षेस