भेड़ पालन से चमकेगी ग्रामीणों की किस्मत: कोल्हान समेत कई जिलों में नई योजना शुरू, सरकार देगी 90% तक सब्सिडी
झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत पहाड़ी और सीमावर्ती जिलों में विशेष भेड़ पालन योजना शुरू की ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी यह योजना।
देशी नस्लों के संरक्षण और पोषण सुरक्षा पर जोर।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना को नया विस्तार देते हुए राज्य के पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष भेड़ पालन योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में दूध और मांस उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों, विशेषकर महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है।
इन जिलों पर रहेगा विशेष फोकस
पूर्वी सिंहभूम के जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. समरजीत मंडल ने जानकारी दी कि यह योजना प्राथमिकता के आधार पर रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, संथाल परगना, पलामू और गढ़वा जैसे पहाड़ी व दुर्गम क्षेत्रों में लागू की गई है।
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने 7 करोड़ 50 लाख रुपये की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति प्रदान कर दी है। योजना के केंद्र में ग्रामीण महिलाएं हैं।
महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा पर जोर
भेड़ पालन न केवल रोजगार सृजन का माध्यम बनेगा, बल्कि इससे ग्रामीणों की पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। मांस और दूध की बिक्री से होने वाली आय के अलावा, भेड़ों का अपशिष्ट (वेस्ट) बेहतरीन जैविक खाद के रूप में उपयोग किया जा सकेगा।
कम निवेश, वैज्ञानिक पालन और देशी नस्लों का संरक्षण
इससे किसानों की रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और खेती में मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता बनी रहेगी। डॉ. मंडल के अनुसार, भेड़ पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसमें निवेश न्यूनतम है लेकिन लाभ की संभावनाएं अधिक हैं।
ग्रामीण बंजर भूमि की वनस्पतियों और फसल अवशेषों का उपयोग कर बेहतर उत्पाद तैयार कर सकते हैं। सरकार इस योजना के जरिए छोटा नागपुरी और साहाबादी जैसी स्थानीय देशी नस्लों के वैज्ञानिक पालन और उनके संरक्षण को भी बढ़ावा दे रही है।
अनुदान का गणित: किसे मिलेगा कितना लाभ?
योजना के तहत प्रत्येक चयनित लाभुक को 8 छोटा नागपुरी और 2 साहाबादी नस्ल के कुल 10 भेड़ दिए जाएंगे। इस यूनिट की कुल लागत 49,600 रुपये निर्धारित की गई है। सरकार ने अनुदान की श्रेणियां इस प्रकार बांटी हैं:
- 90% अनुदान: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), विधवा, दिव्यांग और 50 वर्ष से अधिक आयु के निसंतान दंपत्तियों को केवल 10% राशि वहन करनी होगी।
- 75% अनुदान: अन्य श्रेणियों के सामान्य लाभुकों को इस योजना पर 75 प्रतिशत की भारी सब्सिडी मिलेगी।
यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने और स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में झारखंड सरकार का एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इच्छुक किसान अपने नजदीकी पशुपालन कार्यालय से संपर्क कर योजना की विस्तृत जानकारी और आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
